दुकान की चाभी प्रशासन को सौंपकर मागेंगे रोजगार
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24 दिन से जारी हड़ताल की वजह से सराफा व्यवसाय ठप है और सर्राफ परेशान। सरकार के नए नियम की वजह से सराफा व्यवसायियों को रोजी रोटी के संकट का भय सता रहा है। ऐसे में सराफा व्यवसायियों ने अपनी दुकान बंद करके चाभी प्रशासन को सौंपने और प्रशासन से रोजगार मांगने का निर्णय लिया गया।
शनिवार को हिंदी बाजार स्थित सराफा भवन में सभी सराफा व्यवसायियों, स्वर्ण व्यवसायियों और कारीगर बंधुओं की बैठक हुई। इस मौके पर सराफा मंडल के उपाध्यक्ष मदन सर्राफ ने कहा कि गोरखपुर मंडल समेत पूरे देश में सराफा कारोबार 24 दिनों से बंद है। इसके बाद भी सरकार मौन है। व्यापारियों ने होली नहीं मनाई। इसका भी सरकार पर कोई असर नहीं हुआ। फिलहाल हम सभी बेरोजगार हैं। अगर सरकार एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं लेती है तो हम सभी अपनी अपनी दुकानों की चाभी प्रशासन को सौंप देंगे और उनसे रोजगार की मांग करेंगे। मांग पूरी होने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक को पुष्पदंत जैन, दिनेश सर्राफ, घनश्याम दास सर्राफ, सतीश बर्नवाल, गणेश सर्राफ, मनोज सर्राफ, धीरज बर्नवाल, विश्वनाथ सर्राफ आदि ने भी संबोधित किया। वहीं बैठक में सुनील वर्मा, कृष्ण मुरारी वर्मा, राजू सिंह, सोनू निगम, अक्षय लाल सर्राफ आदि मौजूद थे। वहीं राकेश वर्मा ने बताया कि रविवार को सराफा व्यवसायी गोलघर स्थित इंदिरा तिराहे पर मौन धारण कर विरोध जताएंगे।