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पासपोर्ट आफिस के कर्मचारी भी जांच के दायरे में

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पासपोर्ट आफिस के कर्मचारी भी जांच के दायरे में
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गोरखपुर। फर्जी मार्कशीट के जरिए पासपोर्ट बनवाने की जांच के दायरे में पासपोर्ट कर्मचारी भी आ गए हैं। दलाल की ओर से तैयार फर्जी मार्कशीट पर तीन से पांच हजार रुपये लेकर पासपोर्ट आफिस से पास कर दिया जाता था। जबकि नियमानुसार वहां पर दस्तावेजों की जांच में मामला पकड़ में आना चाहिए था। कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
पासपोर्ट ऑफिस के आसपास की दुकानों में फर्जी मार्कशीट के जरिए पासपोर्ट बनाने का मामला सामने आया था। पुलिस ने डीएम से सर्च वारंट हासिल कर कार्रवाई की तो एक दुकान से कैंट थाने की मुहर और कई फर्जी मार्कशीट बरामद हुए। रविवार को गोरखनाथ पुलिस ने फर्जी मार्कशीट के साथ अमित कुमार यादव नाम के शख्स को गिरफ्तार कर लिया। पूरा मामला खुलने पर शाहपुर और गोरखनाथ पुलिस ने फर्जी मार्कशीट के सहारे पासपोर्ट बनाने के मामले में दो अलग-अलग केस दर्ज कर लिया। गोरखनाथ थाने में अमित कुमार यादव के नाम पर केस हुआ है। जबकि शाहपुर में फर्म के नाम पर केस दर्ज किया गया है।
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पहले अमित की थी दुकान, अब नकली मार्कशीट तैयार करता है
गोरखनाथ में गिरफ्तार अमित यादव की पासपोर्ट आफिस के पास ही दुकान थी, मगर कुछ समय बाद वह बंद हो गई और फिर वह फर्जीवाड़े के खेल में लग गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि नकली मार्कशीट को आने वालों की तलाश कर इन दुकानों तक पहुंचाता था। सौदा तय होता और स्किल्ड पासपोर्ट बनवाने के नाम पर ये लोग 15 से 20 हजार तक वसूल लेते थे। अमित यादव से पुलिस अन्य जानकारियां जुटा रही है। अब तक अमित ही पुलिस के हत्थे चढ़ा है। अन्य या तो फरार हैं। अमित के जरिए पुलिस ने पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश शुरू कर दी है।
फर्म मालिक ने कहा किराए पर दी है दुकान
शाहपुर पुलिस ने जिस दुकान से फर्जी मार्कशीट, प्रिंटर, स्कैनर और मुहर आदि बरामद की है उसके संचालक मंटू ने खुद को निर्दोष बताया है। बताया कि उसने किराए पर दुकान दी थी। इस धंधे से उसका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह पकड़े जाने की डर से ऐसा कह रहा है, या फिर सच बोल रहा है।
नेपाली नागरिकों को जारी पासपोर्ट के प्रकरण की भी होगी जांच
एसपी सिटी कौस्तुभ ने नेपाली नागरिकों के फर्जी पासपोर्ट जारी होने की जांच से संबंधित फाइल खंगालने का आदेश दिया। वर्ष 2005 से 2009 के बीच शहर के कूड़ाघाट, शाहपुर के पते पर 91 नेपाली नागरिकों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किए थे। उनमें से 60 को पासपोर्ट जारी भी हो गए थे। तब भारत-नेपाल मैत्री समाज के अध्यक्ष ने शिकायत की थी। मामला संज्ञान में आने पर कैंट और शाहपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। अब तक इसकी जांच पूरी नहीं हो सकी है। एसपी ने पूरे प्रकरण के प्रगति मांगी है।
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फर्जी मार्कशीट पर पासपोर्ट जारी होने की जांच जारी है। दुकान से फर्जी मार्कशीट व अन्य सामान बरामद हुआ था। पासपोर्ट आफिस के कर्मचारी इसमें शामिल या नहीं, इसकी भी जांच चल रही है।
- डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी
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