गोरखपुर।
कैंपियरगंज ब्लाक के कल्याणपुर
में
फर्जी वोटिंग को लेकर निवर्तमान
प्रधान और पीठासीन अधिकारी
के बीच हुए विवाद में ग्रामीणों
ने मतदान केंद्र पर पथराव कर
दिया। इसके चलते आधे घंटे तक
मतदान रुका रहा।मौके पर पहुंचे
अधिकारियों ने गांव वालों को
खदेड़कर निवर्तमान प्रधान
और उसके समर्थकों को हिरासत
में ले लिया। इससे गुस्साए
ग्रामीणों ने पीपीगंज थाना
घेर लिया। निवर्तमान प्रधान
को न छोड़ने पर गांव वालों ने
पोलिंग पार्टी और गाड़ी घेर
ली। समझाने पर भी जब लोग नहीं
माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज
कर दिया प्रत्युत्तर में
ग्रामीणों ने फिर पथराव कर
दिया। इसमें एक दरोगा समेत
कई लोग घायल हो गए। पुलिस कुछ
लोगों को हिरासत में लेकर
पूछताछ कर रही है।
कल्याणपुर
में
फर्जी वोट डलवाने को लेकर
निवर्तमान ग्राम प्रधान का
पीठासीन अधिकारी और सेक्टर
मजिस्ट्रेट से विवाद हो गया।
इससे गुस्साए गांव वालों ने
मतदान केंद्र पर पथराव शुरू
कर दिया। इस घटना से मौके पर
अफरातफरी मच गई और आधे घंटे
तक मतदान रुका रहा। सूचना
मिलते ही डीएम रंजन कुमार और
एसएसपी लव कुमार पुलिस फोर्स
के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस
ने हंगामा कर रहे गांव वालों
को वहां से खदेड़ दिया और
निवर्तमान प्रधान और उनके
समर्थकों को हिरासत में लेकर
थाने चली गई।
उधर,
निवर्तमान
प्रधान को छोड़ने के लिए गांव
वालों ने पीपीगंज थाना घेर
लिया। पुलिस ने जब आरोपी को
छोड़ने से इन्कार कर दिया तो
ग्रामीणों ने पोलिंग पार्टी
और गाड़ी घेर ली। मौके पर पहुंचे
एसओ पीपीगंज ने गांव वालों
को हटाने का प्रयास किया लेकिन
उन्होंने एक न सुनी। इसके बाद
पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया ग्रामीणों का गुस्सा इससे और
बढ़ गया। उन्होंने पुन:
पथराव
शुरू कर दिया। इस दौरान दरोगा
सुरेंद्र उपाध्याय का सिर फट
गया,
जबकि
एसओ पीपीगंज उपेंद्र श्रीवास्तव
किसी तरह से खुद को बचाकर भागे।
इसके बाद भारी पुलिस फोर्स
की मौजूदगी में पोलिंग पार्टी
और गाड़ी को रवाना किया गया।
कैंपियरगंज
क्षेत्र में चार गांवों में
मतदान के दौरान हुई मारपीट
में 12
से
अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस
ने मारपीट करने वाले कई लोगों
को हिरासत में लिया है। उधर,
जंगल
कौड़िया में फर्जी वोट डलवाने
के दौरान हुए विवाद में तीन
लोगों को हिरासत में लिया गया
है।