नागरिकों की शिकायतें समय पर दूर करने के लिए नगर निगम की ऑनलाइन शिकायतें ‘ऑफ’ में फंस गई हैं। लोग शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन उन्हें हल ही नहीं किया जा रहा है। शिकायत दर्ज कराते ही मोबाइल पर संबंधित कर्मचारी का नंबर दे दिया जाता है, मगर कर्मचारी मौके पर गया या नहीं, समस्या हल हुई या नहीं, यह देखने वाला कोई नहीं है।
केस एक : राजेंद्र नगर गोरखनाथ के रहने वाले उमाशंकर सिंह ने दस दिन पहले अपने मुहल्ले में सांड़ों को पकड़ने के लिए ऑनलाइन शिकायत की थी। शिकायत करने के बाद उमाशंकर सिंह को शिकायत नंबर 23003 दिया गया। इसके साथ ही उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि जिसमें शिकायत दूर करने वाले नगर निगम के कर्मचारी का मोबाइल नंबर दिया गया। दो दिन इंतजार करने के बाद जब उमाशंकर सिंह ने कर्मचारी के मोबाइल पर फोन किया तो पता चला कि वह चार दिन की छुट्टी पर है। हालांकि शिकायत किए दस दिन से ज्यादा हो गए हैं लेकिन उमाशंकर की शिकायत अब तक दूर नहीं हुई।
केस दो : बक्शीपुर निवासी विजय मल्ल ने आठ दिन पहले नगर निगम में सफाई न होने की ऑनलाइन शिकायत की। उनकी शिकायत दर्ज कर ली गई। विजय को शिकायत नंबर 23237 मिला। उनके मोबाइल पर भी मैसेज आया जिसमें नगर निगम के कर्मचारी का मोबाइल नंबर दिया गया। विजय ने बताया कि जब उन्होंने उस नंबर पर फोन किया तो फोन कर्मचारी की बेटी ने कॉल रिसीव की और बताया कि पिता जी सो रहे हैं। इसके बाद विजय ने फोन काट दिया। विजय की समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अगर समस्या दूर नहीं हो रही है तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच होगी। जिस भी कर्मचारी की ड्यूटी लगती है वह अगर मौके पर नहीं जा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- बीएन सिंह, नगर आयुक्त