क्यों न आपकी सेवा समाप्त कर दी जाए
गोरखपुर। यूपी के बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी के खिलाफ फेसबुक पर अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में बीएसए बीएन सिंह ने बुधवार को विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और पूर्व माध्यमिक विद्यालय छितौना में सहायक अध्यापक तारकेश्वर शाही को निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें ब्लाक संसाधन केंद्र गोला से संबद्ध कर दिया गया। नोटिस देकर कहा गया है कि शिक्षक नियमावली के उल्लंघन के आरोप में क्यों न आपकी सेवा समाप्त कर दी जाए। मामले की जांच के लिए नगर शिक्षाधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा और खंड शिक्षाधिकारी खजनी बीके राय की अगुवाई में कमेटी गठित की है। बीएसए ने यह कार्रवाई ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेकर की है।
यूपी के बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी कार्यभार संभालने के बाद से ही शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और प्रेरणा एप को लेकर उनके बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बेसिक शिक्षामंत्री ने बयान दिया था कि बिना सूचना तीन दिन से ज्यादा दिए गायब रहने वाले शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इसी पर शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष व शिक्षक ने भाषा की सारी मार्यादा तोड़ दी। तू तड़ाक के अंदाज में पोस्ट लिखी और औकात नापने की धमकी तक दे डाली। शिक्षक के इसी पोस्ट का स्क्रीन शॉट जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हंगामा खड़ा हो गया। बीएसए का कहना है कि अनुशासनहीनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बेसिक शिक्षामंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना गलत है। इसका संज्ञान लेकर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जांच के बाद सहायक अध्यापक को आरोप पत्र दिया जाएगा। बीएसए ने नोटिस जारी करके सहायक अध्यापक से जवाब-तलब भी किया है। कहा कि शिक्षक नियमावली के उल्लंघन के आरोप में क्यों न आपकी सेवा समाप्त कर दी जाए।
शिक्षक ने सोशल मीडिया पर ये कहा था -
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और गोला के पूर्व माध्यमिक विद्यालय छितौना में सहायक अध्यापक तारकेश्वर शाही ने बेसिक शिक्षामंत्री सतीश द्विवेदी को लेकर भाषा की सारी मार्यादा तोड़ दी। अध्यक्ष ने फेसबुक पर लिखा कि ‘उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षामंत्री सरस्वती विहीन लग रहा है। ए पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में मास्टर कैसे हो गया, इसकी जांच होनी चाहिए। ये शिक्षण कार्य में इतना निपुण है कि पढ़ाते-पढ़ाते विधायक भी हो गया और योगी जी की कृपा से अब मंत्री बन गया है। पहले खुद त्याग पत्र तो दे दो मंत्री जी, फिर औकात नाप ली जाएगी।’