जिला अस्पताल में टारगा मशीन खराब होने से प्रोफाइल जांच ठप हो गई है। इससे अस्पताल में न्यूनतम दर पर उपलब्ध इस जांच के लिए अब लोगों को परेशान होना पड़ रहा है, जबकि ऐसी कई और भी जांचें हैं, जिसमें थोड़ा सा बदलाव कर यदि डॉक्टर लिख दें तो अस्पताल में ही मौजूद प्राइवेट पैथोलॉजी एसआरएल से ये जांचें हो सकती हैं। यही नहीं, जांच न होने पर जमा होने वाले यूजर चार्ज को वापस लेने के लिए भी लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बता दें कि जिला अस्पताल में लगी टारगा मशीन आए दिन ही खराब हो जाती है। पिछली बार इसे बनाने को आए इंजीनियर ने भी इसे कंडम घोषित करने की सलाह दी थी मगर न तो अस्पताल प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया और न ही सरकार से बात बन सकी। अब अस्पताल में मशीन खराब हो चुकी है और जांच के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
वंदना नाम की एक मरीज ने तो जांच के लिए यूजर चार्ज भी जमा कर दिया था मगर बाद में उन्हें बताया गया कि लिपिड प्रोफाइल की जांच मशीन खराब होने के चलते नहीं हो पाएगी। इसके बाद जब वह रुपये वापस लेने काउंटर पर गईं तो उन्हें एसआईसी से आदेश कराने को कहा गया। किसी तरह से वह एसआईसी के पास पहुंची तो तब जाकर उनके रुपये की वापसी हो सकी।