गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर के नर्सिंग होम और अस्पतालों पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू की है। इसके लिए 300 नर्सिंग होम और अस्पतालों को नोटिस दिया है। नर्सिंग होम और अस्पताल के संचालकों को बिल्डिंग का नक्शा दिखाने को कहा गया है। नक्शे के मुताबिक निर्माण हुआ है या नहीं, इसके सत्यापन के लिए जूनियर इंजीनियरों को भी निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि चुनाव बाद नियमों को ताक पर रखने वाले नर्सिंग होम व अस्पताल संचालकों के साथ खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
गोरखपुर में अधिकतर नर्सिंग होम और अस्पतालों आवासीय क्षेत्र में हैं। संचालकों ने भवन आवासीय दिखाकर बाद में इनका व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू कर दिया। वहीं कई में पार्किंग को किसी अन्य काम में इस्तेमाल करना और या पार्किंग नहीं होना, आदि कई प्रकार की औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई हैं, जिससे अव्यवस्था फैल रही है। इन सबको गोरखपुर विकास प्राधिकरण से नक्शा पास करवाना होता है, अस्पतालों का मामला सीधे मरीजों से जुड़ा होने से गंभीरता और बढ़ जाती है। नर्सिंग होम और अस्पतालों को सभी औपचारिकताएं पूरी करनी अनिवार्य है, लेकिन जीडीए के पास सूचनाएं है कि बहुत सारे नर्सिंग होम व अस्पताल नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं।
जीडीए सचिव महेंद्र कुमार मिश्र के मुताबिक 300 नर्सिंग होम और अस्पताल को नोटिस जारी हुए हैं। 275 के लगभग नोटिस भेजे जा चुके हैं, बाकी भी जल्द ही संचालकों तक पहुंचा दिए जाएंगे।