भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष स्वाती सिंह ने सूबे की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाकर सपा को घेरा तो मायावती को दौलत की देवी बोलकर बसपा पर हमलावर हुई और नोटबंदी से फैली अफरा-तफरी को सिर्फ मायावती जैसे राजनीतिज्ञों तक सीमित बताया।
स्वाति सिंह रविवार को शहर के सरस्वती विद्यामंदिर में आयोजितभाजपा के महिला सम्मेलन में बोल रही थीं। महिलाओं की बड़ी भीड़ देख प्रखर वक्ता जैसे तेवर अपनाकर स्वाति बोलीं, स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जहां नारी का सम्मान नहीं होगा वहां विकास नहीं हो सकता। आज महिलाओं की सर्वाधिक खराब स्थिति यूपी में है। महिलाएं घर से निकलने में असुरक्षित महसूस करती हैं। आए दिन आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। बढ़ते रेप से बेटियों के घर सुरक्षित पहुंचने तक माता-पिता चिंतित रहते हैं। मुख्यमंत्री परिवार के विवाद में उलझे हैं, उनके परिवार में पब्लिक से लूटे रुपयों के बंटवारे का विवाद है।
मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि कांशीराम ने बाबा साहब के सपने पूरे करने के लिए बसपा का गठन किया था। मायावती ने रकम लेकर दलितों के वोट बेचने का कारोबार शुरू कर दिया। वह दलितों की बात करती हैं, लेकिन उनके बीच कभी नहीं जातीं। तीन तलाक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर हम सभी महिलाएं एक हैं। तीन तलाक के नाम पर महिला उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने भी भरोसा दिया है कि महिलाओं के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
प्रदेश महामंत्री अनुपमा जायसवाल के निशाने पर भी मायावती और अखिलेश यादव रहे। कहा कि खुद को दलित की बेटी कहती हैं, लेकिन रहती महारानी की तरह हैं। वह नोटों के विस्तर पर सोती थीं। जबसे नोटबंदी लागू हुई, उनका नोटों वाला बिस्तर गायब हो गया, नींद उड़ गई। सपा शासन में बलात्कारियों का बचाव करते हुए कहा जाता है, लड़कों से गलती तो हो ही जाती है। यूपी में भाजपा की सरकार बनी तो गुंडे-माफिया जेल में होंगे।
सम्मेलन में क्षेत्रीय अध्यक्ष निर्मला द्विवेदी, अमिता गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष विद्यावती भारती, खुशबू गुप्ता, शकुंतला जायसवाल, स्मिता चंद, रंजुला रावत, वंदना सिंह, ममता पटेल, नेहा मणि, मीरा श्रीवास्तव, अनीता रानी, संगीता यादव, चंदा सिन्हा, आदि ने भी विचार रखे।