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सरमाउंट स्कूल के प्रबंधक, प्रिंसिपल समेत चार के खिलाफ एफआईआर

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सरमाउंट स्कूल के प्रबंधक, प्रिंसिपल समेत चार के खिलाफ एफआईआर
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गोरखपुर। फीस में छह सौ रुपये कम जमा करने पर परीक्षा से छात्र को बेदखल करने की शिकायत लेकर गए अभिभावक से मारपीट करने के मामले में कैंट पुलिस ने रविवार को केस दर्ज कर लिया है। सरमाउंट इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक रामदर्शन यादव, प्रिंसिपल दीपिका अरोड़ा, शिक्षिका रीना और आफिस कर्मचारी रामानंद के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
जेल रोड के गुलाली वाटिका निवासी विनय कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। थाने में दर्ज केस के मुताबिक विनय ने इसी वर्ष अपने दो बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया है। अप्रैल से लेकर अब तक वो विभिन्न मदों में एक लाख से अधिक रुपये बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर चुके हैं। स्कूल की ओर से हर तीन महीने पर फीस एडवांस में ली जाती है। पांच जुलाई को वे सितंबर तक की फीस जमा कर चुके हैं। 14 सितंबर को कक्षा छह में पढ़ने वाले उनके बड़े बेटे की परीक्षा चल रही थी। उनका आरोप है कि अचानक वहां पहुंची एक शिक्षिका रीना ने बच्चे को पेपर देने से मना करते हुए, भरी क्लास में पूरी फीस जमा नहीं होने की जानकारी दी। वहीं, पेपर देने से मना करते हुए कॉपी पर फीस नॉट पेड (फीस नहीं दी है) लिख दिया। रिसेप्शन पर लाकर बेटे से पिता को फोन कर वहां बुलाया गया। फीस रसीद लेकर वहां पहुंचने पर मामला महज 600 रुपये कम जमा कराने का निकला। वो भी गलती स्कूल प्रबंधन की निकली। इसके बाद जब इसका विरोध किया गया तो अमर्यादित व्यवहार किया। इसी तहरीर के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
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मारपीट और अन्य सभी आरोप बेबुनियाद है। फीस सत्यापन के लिए अभिभावक को बुलाया गया था। फीस के लिए उन्हें एकाउंट विभाग में जाना चाहिए था लेकिन वह आते ही रिसेप्शन पर महिला का वीडियो बनाने लगे और मना करने पर वही अपशब्द बोले। उनके खिलाफ स्कूल प्रबंधन की ओर से सीओ कैंट, थाना कैंट और सीएम पोर्टन पर शिकायत दर्ज कराई गई है। अफसरों को डाक के जरिए शिकायत भेजी गई है।
दीपिका अरोड़ा, सरमाउंट इंटरनेशनल स्कूल
मैं उस वक्त वहां पर मौजूद ही नहीं था इसी से साबित होता है कि उनका आरोप गलत है। वह पूरी तरह से झूठे आरोप लगा रहे हैं। सीसी टीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड है जिसमें वह खुद ही बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं।
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रामदर्शन यादव, प्रबंधक, सरमाउंट इंटरनेशनल स्कूल
अभी खत्म नहीं हुई लड़ाई
मेरे दोनों बच्चों को पूरे स्कूल के सामने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। इसके बाद से बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया, उनकी पूरी पढ़ाई बर्बाद हो गई है। इस लड़ाई को बाल आयोग, मानवाधिकार आयोग के साथ सीबीएसई बोर्ड तक ले जाऊंगा।
विनय कुमार सिंह, अभिभावक
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