एम्स और खाद कारखाने के बाद गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल के लिए एक और सौगात मिली है। जिला प्रशासन की सिफारिश पर मुख्यमंत्री ने शहर में 100 बेड के सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल को अपनी मंजूरी दे दी है। यह हास्पिटल गोरखनाथ मंदिर रोड स्थित कुष्ठ आश्रम की खाली पड़ी पांच एकड़ जमीन पर बनेगा। इसमें हार्ट, न्यूरो, पिडियाट्रिक्स, गायनाकोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी समेत कई विभागों की उच्चतर स्वास्थ्य सेवाएं तो उपलब्ध रहेंगी ही कुष्ठ रोगियों को भी विशेष तरजीह दी जाएगी। अस्पताल के भवन निर्माण का प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य कार्य योजना 2016-17 में शामिल कर लिया है।
जिले में यह दूसरा सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल होगा। मेडिकल कालेज में भी 150 करोड़ की लागत के एक सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल का निर्माण शुरू हो गया है। छह महीने पहले जिले में चार्ज संभालने के बाद डीएम ओएन सिंह ने कुष्ठ आश्रम का निरीक्षण किया था। इसी दौरान 15 एकड़ से अधिक जमीन में बने आश्रम की ज्यादातर जमीन खाली देख उन्होंने इसके इस्तेमाल के लिए प्रयास शुरू किए। स्वास्थ्य महकमे के अफसरों के साथ बैठक कर उन्होंने सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। इस बीच में उन्होंने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से कई बार पैरवी भी की। सीएम के गोरखपुर आगमन के दौरान उन्होंने इसकी सिफारिश उनसे भी की थी।
सुपर स्पेशियालिटी के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रजामंदी मिलने की सूचना देते हुए डीएम ने बताया कि अब इसका विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण के लिए फंड भी जारी हो जाएगा। डीएम ने कहा कि इंसेफेलाइटिस जैसी तमाम गंभीर बीमारियों के इलाज में यह हास्पिटल काफी मददगार साबित होगा। अब जिले में एम्स के अलावा दो सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल हो जाएंगे जिससे यहां की स्वास्थ्य सेवा काफी बेहतर हो जाएगी। लोगों को कम खर्च में इलाज तो मिलेगा ही उन्हें दूसरे शहरों में भी नहीं जाना पड़ेगा।