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गोरखपुर पहुंचे सुपर 30 के डायरेक्टर आनंद कुमार, बेहतर प्रदर्शन करने 2000 छात्र पुरस्कृत

Fri, 13 Dec 2019 12:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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आनंद कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरखपुर महानगर की ओर से विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में बृहस्पतिवार को प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले करीब 2000 से ज्यादा विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
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बतौर मुख्य अतिथि सुपर 30 के डायरेक्टर आनंद कुमार शामिल हुए। उन्होंने कहा विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच, असीमित ऊर्जा, सही मार्गदर्शन और हार न मानने वाली प्रवृत्ति का होना बेहद जरूरी है। जो युवा और नौजवान आज यहां मौजूद हैं सभी देश के कर्णधार बनने का काम करेंगे।

एबीवीपी के विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख हरि बोरकर ने कहा कि विद्यार्थियों के अंदर हमेशा जुनून और जज्बा होना चाहिए ताकि वह किसी भी मुसीबत से लड़ते हुए देश एवं समाज के लिए कुछ करने को सदैव प्रतिबद्ध रहें। कार्यक्रम में संगठन के प्रांत अध्यक्ष डॉ राजशरण शाही, राष्ट्रीय सहज छात्रा कार्य प्रमुख उमा श्रीवास्तव, महानगर उपाध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश राय आदि उपस्थित रहे।
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गूगल पर सर्वाधिक सर्च किए जाने वालों की फेहरिस्त में चौथा स्थान

आनंद कुमार ने बताया कि उनके प्रयासों की सराहना पूरे देश में हुई है। यही वजह है कि गूगल पर देश में सर्वाधिक सर्च किए जाने वाले लोगों की फेहरिस्त में वो चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने बताया कि पहले नंबर पर अभिनंदन वर्धमान, दूसरे पर लता मंगेशकर, तीसरे पर युवराज और चौथे स्थान वो खुद हैं।

ट्यूशन भेज देने से ही खत्म नहीं हो जाती जिम्मेदारी
गोरखपुर। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल महावीर छपरा का पहला वार्षिकोत्सव ‘उमंग-2019’ बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाया गया। बतौर मुख्य अतिथि आनंद कुमार ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए। शिक्षक से ज्यादा बच्चों की जिम्मेदारी अभिभावकों की होनी चाहिए। अभिभावकों को बच्चों का मित्र बनकर उनकी समस्याओं को समझकर सही मार्गदर्शन देना चाहिए। केवल ट्यूशन भेजने से उनकी जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। गणित और विज्ञान जैसे विषयों को मूलभूत रूप से समझने के लिए बच्चों की तार्किक क्षमता का विकास करना जरूरी है। इन विषयों के सूत्रों को याद करने की बजाय उनकी उत्पत्ति क्यों और कैसे हुई, जानने की उत्सुकता होनी चाहिए ।
 
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