बीएड की खाली रह गईं 20 फीसदी सीटोें को भरने के लिए शुरू की गई पूल काउंसिलिंग की कवायद भी कारगार साबित नहीं हो रही है। रविवार से शुरू हुई पूल काउंसिलिंग के पहले दिन महज 27 अभ्यर्थी ही सेंटर पर पहुंचे। 3400 पंजीकृत अभ्यर्थियाें के मुकाबले 27 का ही सेंटर पहुंचना बीएड कॉलेज के उन प्रबंधनों की नींद उड़ाने वाली खबर है, जिनकी सीटें खाली रह गई हैं।
पूल काउंसिलिंग के लिए भी मुख्य काउंसिलिंग की तरह ही दो केंद्र बनाए गए हैं। खाली सीटों को भरने ने लिए प्रवेश परीक्षा में जीरो से भी कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को मौका दिया गया है। यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट विभाग में बने केंद्र के प्रभारी डॉ. एके तिवारी ने बताया कि कुल 1800 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, लेकिन मात्र 15 अभ्यर्थी ही आए।
उधर यूनिवर्सिटी के संवाद भवन केंद्र पर 1600 पंजीकृत अभ्यर्थियों के मुकाबले महज 12 अभ्यर्थियों ने ही काउंसिलिंग कराई। रविवार को एक से 90 हजार रैंक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। डॉ. एके तिवारी ने बताया कि सोमवार को 90 हजार से 1 लाख 50 हजार रैंक पाने वाले अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी और इससे जुडे़ महाविद्यालयों की 4050 बीएड सीटों पर प्रवेश होना है। माइनस अंकों वाले अभ्यर्थियों को न्यौता देने के बावजूद पहली काउंसिलिंग में 3300 सीटें ही भर सकीं। 50 संस्थाओं के मुकाबले केवल 21 संस्थाओं की ही सभी सीटें फुल हो सकीं। इनमें गोरखपुर यूनिवर्सिटी और तीन अनुदानित कॉलेज भी शामिल हैं। पूल काउंसिलिंग के पहले दिन की स्थिति देख यह उम्मीद नहीं दिख रही कि सभी बीएड सीटें भर सकेंगी।