राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर घोषित तीन दिवसीय हड़ताल का पहले दिन मिला-जुला असर रहा। कई विभागों के कर्मचारी जहां काम ठप कर हड़ताल में शामिल हुए वहीं दूसरे गुट के सदस्यों ने खुद को हड़ताल से अलग रखा। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पर हुई सभा में शामिल वक्ताओं ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।
लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के समक्ष कर्मचारी सुबह दस बजे से एकत्रित होने लगे थे। सभा से पूर्व पीडब्ल्यूडी कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था। छोटे गेट से ही लोग आ रहे थे। धरने का नेतृत्व कर रहे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि सुबह 10 बजे ही कर्मचारी अपने कार्यालय बंद कर लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पर पहुंच गए थे। कुछ विभाग जो खुले रहे उन्हें समझा-बुझाकर बंद करा दिया गया। उन्होंने हड़ताल को सफल बताया। साथ ही कर्मचारियों से 11 और 12 की हड़ताल को भी सफल बनाने का आह्वान किया। हड़ताल में संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ, ग्राम्य विकास अधिकारी संघ के लोग शामिल थे।
लोक निर्माण विभाग में कार्यरत नंदलाल के नेतृत्व वाला गुट हड़ताल में शामिल नहीं था, जबकि विकास भवन में भी कर्मचारी कार्य करते नजर आए। सफाई कर्मचारी र्संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड सिंह ने कहा कि वे हड़ताल पर नहीं हैं। सभा स्थल पर जगदीश राव, राजकिशोर भाष्कर, डीके सिंह, गिरिजा पति त्रिपाठी, राधेश्याम सिंह, अशोक पाठक, अरुण श्रीवास्तव, फूलचंद मौर्य, रीमा भारती, शीला द्विवेदी आदि शामिल थे।
हड़ताल पर रहे लैब टेक्नीशियन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर तीन दिवसीय हड़ताल के समर्थन में उत्तर प्रदेश प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ संघ के सदस्य भी रहे। सुबह आठ से ग्यारह बजे तक तीन घंटे इन्होंने काम नहीं किया। संघ के मंत्री नवीन चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यदि सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी गईं तो पूरे प्रदेश के एलटी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हालांकि इसकी वजह से जांच पर कोई असर नहीं पड़ा। एसआईसी डॉ. एचआर यादव का कहना है कि हड़ताल की वजह से जांच पर कोई असर नहीं पड़ा। चूंकि इसकी जानकारी पहले से थी इस वजह से संविदा कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई थी। जिस वजह से कोई मरीजों को कोई परेशानी नहीं हुई है।
वाणिज्य कर विभाग एक गुट की हड़ताल में शामिल नहीं
यूपी वाणिज्य कर मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बैकुंठ नारायण तिवारी ने कहा कि राज्यव्यापी हड़ताल राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद हरिकिशोर तिवारी गुट द्वारा की जा रही है, जबकि यूपी वाणिज्य कर मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन व आशुलिपिक संघ, कंप्यूटर आपरेटर संघ व लेखा संवर्ग एसपी तिवारी की अध्यक्षता वाली कर्मचारी संयुक्त परिषद से संबद्ध है। चूंकि एसपी तिवारी ने हड़ताल का आह्वान नहीं किया है, लिहाजा वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन का कोई सदस्य इसमें शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर इस हड़ताल में कोई शामिल होता है तो इसके लिए वो खुद ही जिम्मेदार होगा।