सावित्री सिलाई का प्रशिक्षण देती हुईं।
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आवास विकास कॉलोनी निवासी सावित्री की कहानी बताती है कि हमारी संस्कृति में नारी को श्री और शक्ति का दर्जा क्यों दिया गया। यह सावित्री भी अपने ‘सत्यवान’ का संबल बनीं। अंतर बस यह कि सतयुग में संघर्ष यमराज से था तो कलयुग की इस सावित्री के सामने मुफलिसी का दानव था। पीएम नरेंद्र मोदी की स्टैंडअप स्कीम से प्रभावित होकर सावित्री ने एसबीआई के सहयोग से रेडीमेड कपड़ों की फैक्ट्री शुरू की और सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गईं। अब वह न सिर्फ अपनी जैसी 20 गृहणियों को आजीविका दे रही हैं, बल्कि कइयों को प्रशिक्षित कर स्वावलंबी भी बना चुकी हैं।
सावित्री शर्मा बताती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब स्टैंडअप स्कीम शुरू की तो रेडीमेड कपड़ों की फैक्ट्री शुरू करने का ख्याल आया। थोड़े प्रयास पर एसबीआई से सहयोग भी मिल गया। सिलाई मशीनें मंगाकर काम शुरू किया। कुछ और कोशिश की तो आसपास समेत दूसरे जिलों से स्कूलों के लिए ड्रेस सप्लाई का ऑर्डर मिलने लगा। सिलाई के हुनर का इस्तेमाल कर जिस तरह खुद स्वावलंबी बनीं, वही सीख-शिक्षा दूसरों को दे रही हैं।