22 और 23 दिसंबर को प्रस्तावित कलमबंद हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारी अपने अपने कार्यालयों में उपस्थित होने के बाद दोपहर 12 बजे डीएम कार्यालय पहुंचे। परिषद के अध्यक्ष रुपेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में यहां आयोजित सभा में प्रदेश और केंद्र सरकार पर उनकी मांगों को पूरा नहीं करने पर रोष जताया गया। इस मौके पर रुपेश कुमार ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद सरकार की ओर से शासनादेश जारी नहीं किया गया है। जबकि सरकार ने तत्काल चार मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया था। इसके बावजूद मांग पूरी नहीं की जा रही है। अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस वजह से प्रांतीय आह्वान पर 22 और 23 दिसंबर को कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
इसमें सिंचाई विभाग, कोषागार विभाग, उद्यान विभाग, गन्ना विभाग, उद्योग विभाग, श्रम विभाग, वन विभाग समेत तमाम विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। इनमें राधेश्याम सिंह, आरबी सहाय, दुर्गविजय, शरीफुर्रजमा, रामकिशुन, जय प्रकाश, अरुण द्विवेदी आदि शामिल थे।