मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से छह साल के लिए बाहर किए जाने से खफा अखिलेश समर्थक सपाइयों ने शास्त्री चौक और अंबेडकर चौराहे पर शिवपाल यादव और अमर सिंह का प्रतिकात्मक पुतला फूंक विरोध जताया। शनिवार की दोपहर में अखिलेश और रामगोपाल दोनों का निष्कासन निरस्त होने की सूचना के बाद उनका गुस्सा थोड़ा शांत हुआ।
शास्त्री चौक पर पुतला दहन के बाद पूर्व महानगर अध्यक्ष शहाब अंसारी ने कहा कि नेताजी को गुमराह करके जिस तरह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ साजिश किया गया है उससे पूरे देश का नौजवान गरीब मजलूम आहत है। पूर्व प्रदेश कार्य समिति सदस्य संदीप त्रिपाठी व पूर्व प्रवक्ता अवधेश पांडेय ने कहा कि एक तरफ प्रदेश का हर नौजवान अखिलेश के कामों की प्रशंसा कर रहा है। वहीं उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर शिवपाल व अमर सिंह लगातार सियासी दांव चलते हुए पार्टी को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।
अंबेडकर चौराहे पर पुतला दहन के दौरान छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष गवीश दूबे ने कहा कि प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से बाहर कर प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी विकृत मानसिकता का परिचय दिया है। इससे युवा वर्ग काफी आहत हैं। अखिलेश अब सिर्फ प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के युवाओं के नेता हो गए हैं। प्रदर्शन करने वालों में अनूप मद्देशिया, मनोज यादव, शब्बीद कुरैशी, सेराज हुसैन, अख्तर सिद्दकी, इरफान खान, सिराजुद्दीन अंसारी, अभिमन्यु मौर्या, शहजाद अली, सलीश अहमद, एजाज अहमद, सलीम अंसारी, शफीक अहमद, अंकुर भट्ट, संतोष विश्वकर्मा, श्रवण पांडेय, ऋषभ ओझा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पूरी कार्यकारिणी के साथ इस्तीफा दिया
मुख्यमंत्री को पार्टी से निकाले जाने से खफा ग्रामीण विधान सभा के शहरी क्षेत्र के अध्यक्ष फरहान अंसारी ने अपने पूरी कार्यकारिणी के साथ सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इसकी जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को भी भेज दिया है।