नागरिकता संशोधन कानून पर शहर के नखास और मदीना मस्जिद चौराहे पर हुए बवाल के बाद सोमवार को कोतवाली थाने में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सद्भावना समिति की बैठक हुई। इसमें अफसरों ने शांति के दूतों को खरी-खरी सुनाई और कहा कि आपने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन नहीं किया है। अब इमानदारी से साथ देने का समय है। इस बैठक का नतीजा रहा कि सद्भावना समिति से जुड़े मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने बवाल, पथराव की निंदा की।
जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल के बाद सद्भावना समिति की पहली बैठक हुई। एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जुमे की नमाज के बाद बवाल हुआ तो आपमें से कोई भी युवाओं को समझाने घर से बाहर नहीं निकला। हम पत्थर खा रहे थे। दूर बैठकर शांति और अमन की बात करना आसान है।
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने भी तल्ख लहजे में कहा कि पुलिस किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार थी लेकिन वहां मौजूद बुजुर्गों व इमाम पर विश्वास कर धोखा खा गए। प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाया गया। नखास पर भी समझाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन जब भीड़ ने अधिकारियों को घेर लिया, तब बल प्रयोग करना पड़ा। एसपी सिटी ने लोगों को विश्वास दिलाया कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
इससे पहले नखास के जुल्फकार अली ने कहा कि बवाल की निंदा करते हैं। शांति और सद्भावना समिति के ज्यादातर सदस्यों ने एक सुर में कहा कि जो भी हुआ, गलत है। इससे गंगा जमुनी तहजीब को धक्का लगा है। पुलिस जुलूस का नेतृत्व कर रहे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करे। दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए।
दस-दस की टोली बनाकर लोगों को किया जाएगा जागरूक
एडीएम सिटी ने शांति दूतों से कहा कि दस-दस लोगों की टोली बनाकर अलग-अलग मोहल्लों में अपने लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के बारे में जागरूक करें। भविष्य में इस तरह का बवाल न हो, यह सुनिश्चित होना चाहिए। इसी क्रम में मंगलवार को कोतवाली थाने में दो बजे से शांतिदूत एकत्रित होंगे। वहां से जुलूस निकालकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। शांतिदूत 10-10 की संख्या में टोली बनाकर निकलेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अफसर उनके साथ रहेंगे। दूसरी तरफ मंगलवार को सुबह 10 बजे एनेक्सी भवन में डीएम और एसएसपी भी जिला स्तरीय शांति एवं सद्भावना समिति के साथ बैठक करेंगे।