इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे कोतवाली ठूठीबारी के ग्रामीणों ने मंगलवार की रात 10 बजे मटर लड़े एक पिकअप को ठूठीबारी बस स्टैंड के पास पकड़ लिया। उसके बाद पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस घंटो बाद भी घटनास्थल पर नही पहुंची। मटर ले जाने वाले मौका देखकर फरार हो गएl उसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने तस्करी के विरोध में सड़क उतरकर निचलौल ठूठीबारी मार्ग को जाम कर दिया। वहीं पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सड़क जाम की सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझ बुझाकर शांत कराना चाहा। लेकिन लोग सड़क डटे रहे। जिसके बाद पुलिस बिना जाम हटवाए लौट गई। मटर लदी गाड़ी को ग्रामीण पकड़कर सड़क जाम कर डटे हुए हैंl आरोप है कि पुलिस ग्रामीणों को समझाने के बजाय डरा रही है।
सड़क पर उतर विरोध कर रहे छोटू, जितेंद्र, जोगिंदर, रवि, गौतम, भोला, मुन्ना गुप्ता, हिरदेश सहनी, शम्भू रौनियार, अभिषेक आदि ने कहा कि इंडो नेपाल सीमा से सटे स्थित ठूठीबारी कोतवाली के पीछे से इन दिनों दिन ढलते ही साइकिल व मोटरसाइकिल से कीमती वस्तुओं की तस्करी धड़ल्ले से शुरू हो जा रही है।
वहीं पुलिस को कुछ रुपये का लालच देकर तस्कर अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं। तस्करों को पकड़कर जब पुलिस को सूचना दी जाती है। तो पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर आरोपियों को पकड़ने के बजाय उनकी सुरक्षा में लग जाती है।
कोतवाली पुलिस के सहयोग से काली मिर्च, सोना, शराब व मटर जैसे सामानों की तस्करी हो रही है। तस्कर नेपाली सीमा क्षेत्र से अवैध तरीके से भारत में लाकर मोटी रकम में बेचते हैं।
लोगों का आरोप है कि नेपाल से इन दिनों तस्करी होने को लेकर सबसे ज्यादा सुर्खियों में कोतवाली पुलिस है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी नही है। इसकी जांच कर संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।