इसके बाद कमरे में जाकर सांप को एक सामान से ढक दिया गया था, जो बाद में लापता हो गया। साथ ही सांप के डसने से शरीर नीला पड़ जाता है। जबकि महंत का शरीर नीला नहीं था। मंदिर की गद्दी को लेकर पिछले एक वर्ष से विवाद चल रहा है। ऐसे में मंहत की मौत ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। क्योंकि मंदिर के पास काफी संपत्ति है। जिसे लेकर विवाद चल रहा है।
मंदिर और शहर के मुख्य स्थानों पर तैनात रही पुलिस
मंदिर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने मंदिर परिसर, सिद्धार्थ तिराहा, वन विभाग कॉलोनी, पोस्टमार्टम स्थल, साड़ी तिराहा पर भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। जिससे अगर किसी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति आए तो उससे निपटा जा सके। क्योंकि मंदिर को लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे। वहीं सूचना पर सदर विधायक श्यामधनी राही ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की।
सीसीटीवी कैमरा था बंद
अभी हाल में सिंहेश्वरी मंदिर परिसर में आठ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे, जो कुछ दिनों तक तो चले। लेकिन अचानक से सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया। जबकि हाल में ही मंदिर में मारपीट भी हुई थी। इसके बाद भी मंदिर की ओर से सीसीटीवी कैमरा चालू नहीं कराया गया।
सोशल मीडिया पर तैरती रही अफवाएं
महंत त्रिवेणी दास की मौत के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। फेसुबक से लेकर व्हाट्सअप तक पर लोग हत्या की बात कहते रहे। कहीं कोई जहर देने की बात कहता रहा तो कई सामान्य मौत की बात कहकर श्रद्धांजलि देते रहे। फिलहाल सच्चाई क्या है। यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा।