शासनादेश के बाद पॉलिथीन के खिलाफ पूरी तरह बंदी के लिए चला अभियान थम गया है। इस वजह से बाजारों में दुकानदारों के पास चोरी छिपे पॉलिथीन नजर आने लगे हैं।
21 जनवरी से शहर में पॉलिथीन थैलियों पर पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। इसके तहत इनके उत्पादन, भंडारण, बिक्री, इस्तेमाल और वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। साथ ही इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रोक की जिम्मेदारी अन्य विभागों के अलावा नगर निगम को भी दी गई है, लेकिन छापेमारी का अभियान कुछ दिन चलकर थम सा गया है। लिहाजा बाजार में दुकानों और ठेलियों पर पॉलिथीन फिर से नजर आने लगी है। खासकर काले रंग की पॉलिथीन।
सामान्य तौर पर काले रंग की पॉलिथीन को रिसाइकिल करके तैयार किया जाता है। ऐसे में इनके शहर में ही बनने की आशंका जताई जा रही है। नगर निगम के मुख्य खाद्य सफाई निरीक्षक पीएन गुप्ता ने बताया कि कार्रवाई संबंधी नियमावली नहीं होने की वजह से कार्रवाई करने में दिक्कत आ रही है। वहीं नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि अभियान फिर से शुरू किया जाएगा।