गोरखपुर। रेलमंत्री सुरेश प्रभु की तरफ से ट्विटर पर आने वाली सूचनाओं पर तत्काल एक्शन लेने से भले ही अधिकारियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हों लेकिन यात्रियों के लिए यह एक बेहतर सुविधा साबित हो रही है। बुधवार को भी रेलमंत्री की दखल के बाद ट्रेन में ही एक यात्री का इलाज डॉक्टरों ने किया। इलाज के बाद ट्वीट करने वाले यात्री के रिश्तेदार को सूचना भी दी गई।
बंगलूरू से गोरखपुर आ रही कोचीन एक्सप्रेस के एसी कोच में यात्री दिलीप कुमार की तबीयत बुधवार की दोपहर में झांसी स्टेशन के पास खराब हो गई। दिलीप को तेज बुखार और दर्द होने लगा। उनकी सूचना के बाद भी इलाज की व्यवस्था नहीं हुई। दिलीप ने इसकी जानकारी अपने रिश्तेदार बढ़या चौक, पीपीगंज के डिस्को नंदन सहानी को दी।
डिस्को ने पीपीगंज के ही दंत चिकित्सक डॉ. आकाश दुबे को पूरी बात बताकर रेलमंत्री के ट्विटर पर ट्वीट करने का आग्रह किया। इसके पहले भी डॉ. आकाश के ट्वीट पर ही पीपीगंज स्टेशन पर महीने भर से खड़ी एक ट्रेन की खाली रैक को हटाया गया था। उन्होंने रेलमंत्री के ट्विटर पर ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई। करीब 15 मिनट बाद रेलमंत्री का जवाब आया कि संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। इसके बाद इलाहाबाद के डीआरएम ने ट्वीट कर इलाज कराने की जानकारी दी।