आठ जालसाजों का गिरोह दो माह तक व्यापारी के संपर्क में रहा। एसएसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर कैंट पुलिस छानबीन कर रही है।
दाउदपुर में रहने वाले व्यापारी भुवनेश जिंदल की शाहमारूफ में जूते-चप्पल
की थोक दुकान है। अगस्त 2014 में एक प्राइवेट इंश्योरेंश कंपनी के एजेंट ने
फोन करके उनका 35,000 रुपये का इंश्योरेंश कराया था। इंश्योरेंश कराने के
एक माह बाद भुवनेश के पास अगस्त 2014 के अंत में मोबाइल नंबर 9310344077 से
फोन आया।
फोन करने वाली लड़की ने अपना नाम पूजा शर्मा बताते हुए आईआरडीए
(इंश्योरेंश रेग्युलरिटी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) की हैदराबाद शाखा से बोलने
की जानकारी दी। इंश्योरेंश कराने वाले लकी ग्राहकों की सूची में नाम होने
के साथ ही 21 लाख रुपये इनाम निकलने की जानकारी उसने भुवनेश को देते हुए
एक्सेस पार्टनर फर्म के सुधीर श्रीवास्तव से बात कर रुपये लेने की बात कहते
हुए उनका नंबर दिया।
इनाम के लिए भुवनेश से फोन कर खाता खोलने, सर्विस
टैक्स, बीटीसी (बैंक ट्राजेंक्शन कोड) के नाम पर 11 सितंबर से सात नवंबर
2014 तक 13 बार में कुल सात लाख रुपये ले लिए गए। भुवनेश ने पूरे रुपये
एक्सेस पार्टनर के खाते में डाले थे, जिसे जालसाज ने निकाल लिया था। छानबीन
में पता चला कि जिस एकाउंट में रुपये डाले गए हैं, उसे 18 ए गुरुकृपा
कॉप्लेक्स, प्रथम तल आउटर रिंग रोड पीरागढ़ी, नई दिल्ली के नाम पर खोला गया
है।
एसएसपी के निर्देश पर बुधवार को कैंट पुलिस ने एक्सेस पार्टनर के
मालिक हेमंत कुमार, अंकित और आठ सहयोगियों पर जालसाजी, आईटी एक्ट के तहत
केस दर्ज किया। पुलिस छानबीन कर रही है।
प्राइवेट बैंक में एफडी अकाउंट खोलने के नाम पर 2.26 लाख रुपये लिए गए थे।
सर्विस टैक्स के नाम पर उन्होंने 1.96 लाख रुपये जमा किए थे। खाते में इनाम
की 21 लाख रुपये पहुंचने का मैसेज भी जालसाज ने उनके मोबाइल पर भेजा था।
बाद में कागजी कार्रवाई पूरी न होने का हवाला देकर आरबीआई की तरफ से रुपये
के भुगतान पर रोक लगाने की जानकारी देकर शेष रुपये ले लिए। मोबाइल पर मैसेज
आने के बाद भुवनेश ने जालसाजों पर विश्वास कर शेष रुपये दे दिए।