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सज्दा-ए-खुदाबंदी कर गुनाहों से तौबा की

Sun, 22 May 2016 08:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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शब-ए-बारात पर हजरत मुबारक खां शहीद की मजार पर दुआ मांगते लोग। - फोटो : shivharsh
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गुनाहों से निजात की रात यानी शब-ए-बारात के मौके पर रविवार को लोगों ने सज्दा-ए-खुदाबंदी कर दुआ मांगी और गुनाहों से तौबा की। खैर और बरकत की दुआ कर लोग कब्रिस्तान पहुंचे और पूर्वजों की कब्र पर फूल अर्पित कर उनके नाम की फातिहा दिलाई। पूर्वजों के नाम पर दान-पुण्य भी किया गया। कई स्थानों पर गरीबों को भोजन कराया गया। बहुत से लोग दरगाहों पर पहुंचे और जियारत की।
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रविवार को जैसे ही मगरिब यानी शाम की नमाज की अजान हुई, क्या बच्चे क्या नौजवान सभी मस्जिदों की ओर बढ़ चले। महिलाओं ने घरों में चटाई बिछा ली और फिर इबादत का सिलसिला चल पड़ा। रात भर चली इबादत सोमवार की सुबह जाकर थमी। अकीदतमंदों ने खुदा से सच्चे दिल से तौबा की और दिली मुरादें मांगीं। महिलाओं ने सुबह से ही तरह-तरह के पकवान बनाने शुरू कर दिए थे, जो माहौल में सोंधी खुशबू बिखेर रहे थे। उधर दरगाहों पर फकीरों का हुजूम था, जिसे लोग भोजन और दान कर पुण्य पाने की कोशिश में दिखे।

शहर की हर छोटी-बड़ी मस्जिद और दरगाह रोशनी से चकाचौंध नजर आ रही थी। खासकर मुबारक खां शहीद के आस्ताने का तो मंजर ही देखने लायक था। यहां कुछ दूर पर मौजूद कब्रिस्तान पर पूरी रात चहल-पहल बनी रही। हजरत मूसा शहीद, हजरत तोता मैना शाह, हजरत अली नकी शाह उर्फ नक्को बाबा का आस्ताना, कंकड़  शहीद शाह अब्दुल लतीफ शाह, मुकीम शाह का आस्ताना, शहीद सरदार अली, दादा मियां व कच्ची बाग कब्रिस्तान पर में भी अकीकतमंदों की भीड़ रही।
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लोगों की सुविधा के लिए सभी स्थानों पर पानी और चाय के स्टाल लगाए गए थे। कहीं-कहीं लंगर भी लगाया गया।
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