मेडिकल कॉलेज ट्रॉमा सेंटर गेट पर एक गर्भवती और उसके घर वालों को एंबुलेंस वाला छोड़कर फरार हो गया। जब तक गर्भवती का इलाज शुरू हो पाता, उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। घर वालों ने शव का पोस्टमार्टम और शिकायत करने से इन्कार दिया।
महराजगंज जिला के नौतनवां निवासी सावित्री पत्नी महेंद्र पांच महीने की गर्भवती थीं। हालत बिगड़ने पर घर वालों ने उसे दाउदपुर के एक चर्चित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। लेकिन हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने सावित्री को प्राइवेट एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेज दिया। उसे ऑक्सीजन पाइप लगाया गया था। कॉलेज गेट पर पहुंचते ही एंबुलेंस चालक महिला और उसके घरवालों को छोड़कर चला गया, जिस वजह से उसकी मौत हो गई।
घर वाले उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो डॉक्टरों ने मृत घोषित करते हुए पूरा नाम पता पूछा तो घर वाले शिकायत न करने की बात कहते हुए गिड़गिड़ाने लगे। पूछताछ में उसने दाउदपुर के एक नर्सिंग होम का नाम बताया, जो एक न्यूरो सर्जन का है। पति के मुताबिक उसने नर्सिंग होम में इलाज के लिए 50 हजार के करीब बिल का भुगतान भी किया है।