गोरखपुर । केंद्र सरकार मजदूरों की हितैषी नहीं है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह से निराशाजनक हैं। सिफारिशों में बदलाव नहीं हुआ तो फरवरी में हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया जाएगा।
केंद्रीय कर्मचारी इसके विरोध में 27 नवंबर को पूरे देश में काला दिवस मनाएंगे और काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
यह बातें आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने कहीं। वह एनई रेलवे मजदूर यूनियन के वार्षिक अधिवेशन में भाग लेने आए हुए थे।
उन्होंने कहा कि 10 मांगों को लेकर 23 नवंबर की हड़ताल करने का फैसला लिया गया था लेकिन तब तक सातवें पे कमीशन की रिपोर्ट नहीं आई थी।
इसके चलते इसे स्थगित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि हम फरवरी तक मांगे माने जाने व कर्मचारियों के हित में पे कमीशन की सिफारिशों में बदलाव का इंतजार करेंगे। अगर बदलाव नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने रेलवे अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था पर चिंता जताते हुए इसके निराकरण के लिए बोर्ड में मांग करने को कहा। रिस्ट्रक्चरिंग पर बनाई गई विवेक देबरॉय कमेटी की सिफारिशों पर उन्होंने कहा कि यह रेलवे के निजीकरण का रोडमैप है।