धूप से बचने का प्रयास करतीं नवयुवतियां।
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मौसम का बदलाव बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। यही वजह है कि इन दिनों काफी संख्या में लोग सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर के ग्रस्त नजर आ रहे हैं। गुरुवार को एक बार फिर देर शाम से मौसम में बदलाव दिखने लगा था। शुक्रवार की सुबह से बादल छाए रहे और मौसम में नमी बनी रही। ठंड़ी हवाएं भी चलीं। मौसम विज्ञान कैलाश पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया, लेकिन अब मौसम सामान्य बना रहेगा।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि बदलते मौसम से लोगों में खांसी, वायरल फीवर, सर्दी और पीलिया जैसी बीमारियों होने लगती हैं। ऐसे में सावधानी जरूरी है। धूप में निकलते वक्त अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें। अचानक ठंडे और गर्म स्थानों पर जाने से बचें। इस मौसम में बाहर की चीजों के सेवन से परहेज करें। सड़कों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन के चलते इधर कुछ दिनों में पीलिया के मरीज बढ़ रहे हैं।
गर्मी के इंतजाम नाकाफी, मरीजों की बढ़ी परेशानी
मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज और तीमारदारों का गर्मी से हाल बेहाल है। आलम यह है कि कॉलेज के लगभग सभी वार्डों में पंखे खराब पडे़ हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं है। तीमारदार अपने मरीजों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए हाथ के पंखे का सहारा ले रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए बेहतर सुविधा के नाम पर वार्ड में भर्ती हर मरीज के बेड़ के ऊपर एक पंखा लगाया है। इससे गर्मी में मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े, लेकिन हकीकत इससे एकदम जुदा है। मेडिकल कॉलेज का एक भी ऐसा वार्ड नहीं है जहां गर्मी से राहत दिलाने के लिए जरूरी प्रयास किए गए हों। वार्ड नंबर एक में 8, बर्न वार्ड में 6, ऑर्थो में 7, महिला सर्जिकल वार्ड में 12, महिला मेडिसिन में 5, पुरुष मेडिसिन में 22, पुरुष सर्जिकल में 8 व गायनिक वार्ड में 25 पंखे खराब पड़े हैं।
ये आंकड़े तो महत्वपूर्ण विभागों के हैं। इसके अलावा अन्य विभागों में पंखा, कूलर भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। वहीं गायनी वार्ड में वायरिंग के काम की वजह से वार्ड में तोड़ फोड़ कर मरम्मत का काम किया जा रहा है। इसी वार्ड में गर्भवती महिलाओं को ऑपरेशन कर नवजात शिशु समेत भर्ती किया जाता है। इस वार्ड में भी आधे से ज्यादा पंखे खराब पड़े हैं। इसके साथ साथ ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए लगे पंखे भी कई खराब पड़े हैं। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा ने कहा कि जेई को निर्देश दे दिया गया है। एक हफ्ते में सभी खराब पंखों को सही करा दिया जाएगा।