सुहेलदेव भारतीय पार्टी के विधायक और भाजपा नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले के इस्तीफा देने के निर्णय को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर हिंसा भाजपा की साजिश का परिणाम है। क्योंकि विहिप और बजरंग दल जैसे संगठन उन्हीं का अंग हैं। 2019 के चुनाव में हिन्दू वोट बैंक के ध्रुवीकरण के लिए भाजपा ये सब कर रही है।
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को गोरखपुर में वार्ता के दौरान भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे जो भी बोलते हैं सच बोलते हैं। सांसद फुले के इस्तीफा देने के निर्णय को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में सांसदों और विधायकों की सुनी नहीं जा रही है। ऐसे में उन्होंने जो निर्णय लिया है उसे गलत नहीं ठहराया जा सकता है। जब पानी सिर के ऊपर जाने लगता है, जब आदमी मरने की स्थिति में आ जाता है। तो अपने बचाव मुद्रा में होता है। जब सांसद की बात अधिकारी नहीं सुनेगा। जनता को जवाब देना पड़ता है। ऐसे में उनका निर्णय कहीं न कहीं सही है।
जब राजभर से सवाल किया गया कि क्या इस तरह का फैसला आपको भी लेना पड़ सकता है, तो उन्होंने कहा कि वे तो स्वतंत्र हैं। वे भाजपा के साथ हैं। भाजपा रखेगी तो रहेंगे। नहीं रखेगी, तो नहीं रहेंगे। भाजपा और अपनी सरकार के खिलाफ बोलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं खिलाफ नहीं बोलता सच कहता हूं। जब सुप्रीम कोर्ट में एससी-एसटी एक्ट पर कहा कि मुकदमा पंजीकृत हो लेकिन, जांच के बाद... उस समय पूरे देश में कोई बोला तो इसी ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं।
विज्ञापन
राजभर ने कहा कि जब बसपा की सरकार थी, तो सीओ की जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने का अध्यादेश लाई थी। कौन सी आफत आ गई कि आप अध्यादेश ला दिए कि पहले गिरफ्तारी होगी। पूर्ववर्ती कानून को बना दिया। क्या कारण है। मैंने इसी बात का विरोध किया कि मुकदमा पहले पंजीकृत हो। झगड़ा एक-दो आदमी से होता है और पूरे परिवार के लोग फंसा दिए जाते हैं। कोई बच्चा विद्यालय में है। बंबई, दिल्ली, कलकत्ता और मद्रास है। उसे फंसा दिया जाता है उनका नाम डाल दिया जाता है, क्यों। जो झगड़ा करता है मुकदमा भी उसी के खिलाफ लिखा जाना चाहिए।
बुलंदशहर हिंसा के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये आपसी रंजिश का परिणाम नहीं है। डीजीपी ने भी ये साफ कर दिया है कि ये बड़ी योजना बनाकर बड़े घटनाक्रम को अंजाम देने की साजिश थी। जिसका तमाम वीडियो भी सामने आ गया। हिन्दू-मुसलमान दंगा कराकर 2019 के चुनाव की तैयारी हो रही है। प्रदेश को आग में झोंकने की तैयारी हो रही है। भाजपा को समर्थन देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम समर्थन नहीं देते हैं। सही बात बता रहे हैं। वे लोगों से कहते हैं कि वे हिन्दू-मुसलमान की लड़ाई में मत पड़ो। क्योंकि दंगा होता है, तो कोई नेता नहीं मरता है। हिन्दू-मुसलमान ही मरता है।
उन्होंने कहा कि बुलंदशहर की घटना पर दो दिन में दूध का दूध और पानी का पानी होने की बात कही थी। वो सच साबित हुई। डीजीपी ने इसे पुष्ट कर दिया है। 2019 के चुनाव में भाजपा की मजबूत स्थिति के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे कितनी मजबूत स्थिति में हैं ये सभी को पता है। फूलपुर, नूरपुर, गोरखपुर उपचुनाव में हार से ये साबित हो गया है कि वे कितने मजबूत हैं। सरकार में रहते हुए ये साबित हो चुका है कि सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। जब उनके सांसद-विधायक सब परेशान हैं, तो हम सहयोगी दल हैं।
सपा और बसपा गठबंधन होने के बाद ही ये पता चलेगा कि भाजपा कितनी मजबूत स्थिति में है। भाजपा के कमजोर होने पर खुद कमजोर हो जाएंगे। इस पर कहा कि वे कहां कमजोर हैं। हम खुद मजबूत हैं। इस सवाल पर कि क्या सपा-बसपा मजबूत दिखेगी, तो क्या पाला बदल देंगे, तो उन्होंने कहा कि बड़ा भाई ईमानदार नहीं रहेगा, तो उन्हें भी विचार करना पड़ेगा। भगवान के जातिकरण पर उन्होंने कहा कि इंसान को बांटकर सियासत करने के बाद भगवान को बांटकर सियासत की जा रही है।
राजभर ने कहा कि जगह-जगह दलित मंदिरों पर कब्जा कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे कब्जा न करें, पुजारी बन जाएं। जितने भगवान हैं, 26 उन्हें भी बता दे कि किस जाति के हैं, जिससे वहां भी कब्जा कर सकें। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की अयोध्या पर बन रही फिल्म में मुसलमानों की छवि को आतंकवादी की दिखाकर रामभक्त बताने को उन्होंने सियासत करार दिया। उन्हें मालिक के तोते की तरह सिखाया गया है।
इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और महात्मा गांधी को क्या किसी मुसलमान ने गोली मारी। बुलंदशहर में दंगा क्या मुसलमान ने फैलाया। गाजीपुर के रहने वाले वीर अब्दुल हमीद और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने जो काम किया, उन्होंने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। उन्होंने 2019 में भाजपा की स्थिति पर पूछे गए सवाल पर कहा कि सपा-बसपा गठबंधन हो गया, तो भाजपा के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाएगी।