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किशोरी से सरेराह छेड़खानी कर फाड़े थे कपड़े, मानवता शर्मसार करने वालों को भेजा जेल

Tue, 17 Dec 2019 11:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, चौरीचौरा (गोरखपुर)।
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इलाके के सरैया चौराहे पर रविवार की शाम किशोरी से छेड़खानी और फिर पिटाई कर उसके कपड़े फाड़कर मानवता को शर्मसार करने वाले तीन आरोपितों को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। इस मामले में पीड़िता के पिता की तहरीर पर दो सगे भाई और उनके पिता के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, छेड़खानी, कपड़ा फाड़ने और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इस मामले में बेटी के बचाव में आए पिता के साथ आरोपितों ने मारपीट की और भाभी की भी लज्जा भंग कर दी थी।
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प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। दो भाई व उसके पिता को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपितों में एक भाई नाबालिग है, कानूनन उसकी पहचान उजागर नहीं की जा सकती, इस वजह से अन्य आरोपितों के नाम भी प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं।

जांच में पीड़िता नाबालिग निकली, लिहाजा पॉस्को एक्ट और बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा भी बढ़ा दी गई है। जानकारी के मुताबिक आरोपितों को रविवार को ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। सोमवार की दोपहर में अस्पताल से इलाज करवाकर किशोरी व उसके पिता थाने पर पहुंचे और जब उन्होंने तहरीर दी तब केस दर्ज किया गया।
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पीड़िता को शरीर ढकने के लिए लोगों ने दिए कपड़े

तहरीर के मुताबिक घटना वाले दिन परिवार के लोग खेत में गए थे। बेटी घर में अकेली थी। उसको अकेली पाकर बड़े भाई ने छोटे भाई की मदद से बेटी को जबरन उठा कर गन्ने की खेत की तरफ ले गए और दुष्कर्म किए। शोर सुनकर पहुंची किशोरी की मां ने विरोध किया तो दोनों भाइयों ने उसको भी पीट दिया, बहू के साथ छेड़खानी की।

हद तो तब हो गई, जब पीड़ित परिवार मामले की शिकायत करने थाने पर जा रहा था, इस बीच जानकारी मिलने पर आरोपित पीछा करते हुए सरैया चौराहे पर पहुंचे । ऑटो रोककर किशोरी के कपड़े फाड़ दिए और बहू के साथ छेड़खानी की और पिता को भी बुरी तरह से पीटा। अर्द्धनग्न पीड़िता को शरीर ढकने के लिए चौराहे के कुछ लोगों ने कपड़े दिए।

पीड़िता की उम्र कम मिली
पुलिस के मुताबिक पहले पीड़िता के 18 साल होने की जानकारी मिली थी, लेकिन बाद में दस्तावेजों की जांच की गई तो उसकी उम्र कम मिली है। इस वजह से मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धारा भी लगाई गई है। वास्तविक उम्र तय करने के लिए पीड़िता का मेडिकल कराया जाएगा।

पिता को सिर्फ धमकी का आरोपी बनाया

दो भाइयों के साथ ही पिता की गिरफ्तारी के साथ एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ कि क्या इतना घोर कलयुग आ गया है कि किसी लड़की से छेड़छाड़, निर्वस्त्र करने की कोशिश में पिता भी शामिल होगा? कुछ सुधि पाठकों ने फोन करके अमर उजाला से कहा कि मीडिया ने तस्वीर का केवल एक पहलू पेश किया है। साथ ही भी अनुरोध किया कि सच पूरा सामने आना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा तो महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का दुरुपयोग बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि रविवार को सरेराह जो घटना घटी, किशोरी और उसके परिवारवालों के साथ जो हुआ उसे तमाम लोगों ने अपने आंखों से देखा, उसकी पड़ताल होनी चाहिए कि क्या वह वाकई छेड़छाड़ और किशोरी के लज्जाभंग के आशय से अंजाम दी गई वारदात है ?

लोगों के सवाल पर पड़ताल की गई तो पता चला कि आरोपित का पिता बेटों को संभाल नहीं पाते थे और इस तरह की वारदात हो कर देते थे। इस वजह से पुलिस ने पिता को सिर्फ धमकी देने का ही आरोपी बनाया है। नाबालिग भाई पर पुलिस ने मारपीट और छेड़खानी, जबकि मुख्य आरोपी पर दुष्कर्म, छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट की धारा लगाई गई है।
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तीन महीने पहले भी घर में घुसकर की थी छेड़खानी

तीन महीने पहले पीड़िता की बड़ी बहन की शादी थी। इस दौरान भी आरोपित घर में दाखिल हो गया था और जबरन छेड़खानी करने के साथ ही मोबाइल भी छीन लिया था। तब शोर पर आए रिश्तेदारों ने पकड़ा था और विरोध जताते हुए थाने पर भी गए थे। मगर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करने की जगह रफा दफा कर दिया।

शायद पुलिस ने तब ही कार्रवाई कर दी होती तो रविवार को सरेशाम एक लड़की बेइज्जत नहीं होती। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार पहली बार थाने पर आई थी।

गुनाह साबित हुआ तो फांसी पर भी लटकाया जा सकता है मुख्य आरोपी
धारा 376 व पॉक्सो एक्ट : आजीवन कारावास या फांसी तक का प्रावधान है
धारा 323 : चोट पहुंचाना (एक साल की सजा, जुर्माना, इसे बढ़ाया भी जा सकता है)
धारा 462 : कपड़ा फाड़ना (तीन साल की सजा, जुर्माना या दोनों)
धारा 354 : महिला का मर्यादा भंग करना, छेड़खानी (दो साल की सजा, जुर्माना या फिर दोनों)
धारा 341 : किसी को जबरन रोकना (एक महीने की सजा या पांच सौ जुर्माना या फिर दोनों)
धारा 324 : किसी को घातक हथियार से जख्मी करना (यह समझौतावादी है)
धारा 428 : चोट पहुंचाने और विकलांग करने की कोशिश (दो साल की सजा, जुर्माना, फिर दोनों)
धारा 506 : आपराधिक धमकी (दो साल की सजा, जुर्माना या फिर दोनों)
आरोपितों के खिलाफ तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। आरोपितों को कड़ी सजा मिले, इसके लिए पुलिस हर स्तर पर पैरवी करेगी।
डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी
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