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संत मोदी के समक्ष नहीं रख पाए मन की बात

Fri, 22 Jul 2016 09:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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गोरखनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते सन्त। - फोटो : Rajesh Kumar
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महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के अनावरण अवसर पर आयोजित सम्मेलन में देश भर से प्रमुख संत भी पहुंचे थे। उनमें से कुछ अपनी बात प्रधानमंत्री के समक्ष रखना चाहते थे पर समयाभाव के कारण वे ऐसा नहीं कर पाए। उनकी माने तो वे प्रधानमंत्री से कहना चाहते थे कि प्रदेश की कमान महंत आदित्यनाथ को सौंप दी जाए क्योंकि उत्तर प्रदेश को बेहतर बनाने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आदित्यनाथ को प्रदेश का प्रभार देना आवश्यक है।
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हरिद्वार से आए स्वामी हंसदेवाचार्य ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी बात रखना चाह रहे थे, पर उनसे कहा कि गया कि उनकी बात खुफिया विभाग की तरफ से पीएम तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए महंत के पास यूपी की कमान होनी जरूरी है। वह चाहते हैं कि प्रदेश की बेहतरी के लिए प्रदेश की कमान आदित्यनाथ को सौंप जाए। जबलपुर के महामंडलेश्वर डा. स्वामी श्यामदास महराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश को उन्नत व बेहतर प्रदेश बनाने के लिए महंत आदित्यनाथ के हाथ में बागडोर सौंपना समय की मांग है। अयोध्या के पुरुषोत्तमाचार्य ने कहा कि गोरक्षनाथ और उनकी परंपरा ने इस देश व संस्कृति के संरक्षण का अद्वितीय प्रयास किया है। उसे आगे बढ़ाने का कार्य महंत आदित्यनाथ कर रहे हैं। प्रधानमंत्री इसे समझते हुए प्रदेश की कमान महंत आदित्यनाथ को सौंप दें।

पटना के स्वामी हरिनारायणानंद ने कहा कि अवेद्यनाथ राष्ट्रीय एकता के सच्चे उपासक थे। आदित्यनाथ उस परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इसी तरह से वहां पधारे अनेक संतों ने अपने संबोधन के दौरान राम मंदिर और आदित्यनाथ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश और राममंदिर के लिए भाजपा को महंत को बतौर सीएम आगे करना होगा। प्रधानमंत्री ने मंदिर में किया अल्पाहार प्रधानमंत्री ने गोरक्षनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के अनावरण के बाद अल्पाहार लिया। इसके लिए शहर के होटल से कारीगरों को बुलाया गया था। पीएम के लिए जो मैन्यू था उसमें पाइनापल जूस, मट्ठा, ढोकला, स्प्राउट, कैनपी, पनीर पुदीना, टिक्का, दही बड़ा सहित कई अन्य चीजें बनाई गई थीं। अल्पाहार में फ्रूट एवं जूस की भी व्यवस्था की गई थी। इसमें वाशिंगटन एप्पल, पिकर्स, अंगूर, चेरी, श्रीखंड, सहित अन्य कई फल परोसे गए। जिस समय प्रधानमंत्री अल्पाहार लेने के लिए हाल में पहुंचे, उस समय उनके साथ राज्यपाल राम नाईक, उर्वरक एवं रसायन मंत्री अनंत कुमार, स्वामी चिन्मयानंद, महंत आदित्यनाथ भी थे। अल्पाहार कराने के लिए शहर के मशहूर होटल से चार सेफ भी लगाए गए थे। अल्पाहार बनने के बाद वहां मौजूद चिकित्सकों की टीम ने उसकी जांच की।
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