प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर समान पाठ्यक्रम को अंतिम स्वरूप देने के लिए सोमवार को अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय में सुबह 11 बजे जुटेंगे। शासन की ओर से विशेष आमंत्रित सदस्य प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राजवंत राव भी उपस्थित रहेंगे।
उम्मीद है कि समिति की अंतिम बैठक में समान पाठ्यक्रम के प्रारूप तय होकर आगे की प्रक्रिया के लिए सभी विश्वविद्यालयों को भेज दिए जाएंगे, ताकि जुलाई से शुरू होने वाले आगामी सत्र में इसे लागू किया जा सके।
दो वर्ष पूर्व तत्कालीन कुलाधिपति एवं राज्यपाल रामनाईक की अध्यक्षता में कुलपति सम्मेलन में स्नातक स्तर पर समान पाठ्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया गया था।
पाठ्यक्रम तैयार कराने की जिम्मेदारी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के तत्कालीन कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में गठित समिति को सौंपी गई थी।
प्रो. दुबे समिति ने राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों को अलग-अलग विषयों के पाठ्यक्रम तैयार करने का दायित्व सौंपा था। कला संकाय के अधिकांश विषयों के पाठ्यक्रम निर्माण का दायित्व गोरखपुर विश्वविद्यालय को दिया गया था।
इस तरह प्राप्त पाठ्यक्रमों पर विचार-विमर्श और उनमें एकरूपता स्थापित करने के लिए अनेक बैठकों में विषय विशेषज्ञों से परामर्श भी प्राप्त किए गए। गोविवि के कुलपति प्रो. वीके सिंह की विशेष रुचि और प्रयास के कारण बैठक आयोजित हो रही है। अब सभी परामर्श को समाहित करके उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।