जिले के 19 में से 9 ब्लॉकों में रविवार को हुए मतदान में पांच में
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि चार स्थान पर
विपक्ष के उम्मीदवारों ने बाजी मारी। इसके साथ ही सत्ता पक्ष का 14 ब्लॉकों
पर कब्जा हो गया। शनिवार को नाम वापसी के बाद कुल 10 प्रत्याशियों के
निर्विरोध निर्वाचन की बात कही जा रही थी, पर इनमें से एक ब्लॉक का चुनाव
परिणाम डीएम ने रोक दिया। आयोग के निर्देशानुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
रविवार
को हुए चुनाव में पिपराइच, पाली, बड़हलगंज, सरदारनगर, पिपरौली में सपा के
प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि जंगलकौड़िया, चरगांवा, बांसगांव और
कौड़ीराम में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने बाजी मारी। इसके पूर्व
शुक्रवार को नामांकन के दौरान आठ ब्लॉकों भटहट, ब्रहमपुर, गगहा,
कैंपियरगंज, गोला, खोराबार, बेलघाट, खजनी में समाजवादी पार्टी के
प्रत्याशियों के खिलाफ किसी ने नामांकन नहीं कराया था। इस वजह से उसी दिन
ये लोग निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे, पर इसकी घोषणा रविवार को सभी
प्रत्याशियों के साथ की गई। इसके पूर्व शनिवार को सहजनवां से भी सपा
प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए थे।
उधर, उरुवां ब्लॉक से तीन लोग के
नाम वापस लेने के बाद यहां पर भी सपा प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन
की रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई थी पर शनिवार की देर शाम उरुवां ब्लाक से
चुनाव लड़ रहीं दुर्गावती देवी ने चुनाव प्रेक्षक और डीएम से शिकायत की कि
उनके साथ धोखा किया गया है। वह दिन भर घर में थीं, फिर पर्चा कैसे वापस ले
लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष के छोटे भाई की पत्नी के
मैदान में होने के कारण प्रशासन ने उनके खिलाफ साजिश रची है। विरोध को
देखते हुए डीएम ने चुनाव परिणाम रोक दिया।