तीन बार की हिदायत के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार न होता देख कमिश्नर अनिल कुमार ने अब नगर आयुक्त बीएन सिंह पर भी सख्ती की है। उन्होंने नगर आयुक्त, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी और सफाई निरीक्षक से जवाब तलब करने के साथ ही उनका नवंबर का वेतन रोक दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अब भी सुधार नहीं हुआ तो इन सभी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं नगर आयुक्त ने अपनी सफाई में बताया कि निगम गंदगी फैलाने पर 80 लोगों पर जुर्माना लगा चुका है। इनसे 11 हजार रुपये की वसूली की गई है। वहीं 250 और लोगों को नोटिस भेजा गया है। निरंतर सफाई व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, मगर जागरूकता के कमी के कारण पूरी तरह से गंदगी पर रोक नहीं लग पा रही।
कमिश्नर ने शुक्रवार को बेतियाहाता, इंजिनियरिंग विश्वविद्यालय समेत दर्जन भर इलाकों का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था जांची। इस दौरान सर्वोत्तम हॉस्पिटल बेतियाहाता, डॉ. रियाज ऑर्थो हॉस्पिटल एवं राजकीय उद्यान के बाउंड्री से सटे कूड़ेदान में कूड़ा न फेंककर उसके अगल-बगल कूड़ों का ढेर मिला। राजकीय कृषि रक्षा इकाई एवं गन्ना शोध संस्थान के बाउंड्री से सटे गोरखपुर-देवरिया मुख्य सड़क पर भी जगह-जगह कूड़े का अंबार मिला। इसी तरह सरयू नहर कॉलोनी, रानी डीहा चौराहा, दिव्यनगर कालोनी में भी भारी गंदगी के अलावा सड़कें टूटी मिलीं। कमिश्नर ने इन सभी सड़कों की मरम्मत के साथ ही जल्द कूड़ा हटाने का निर्देश दिया।