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एनजीटी की तमाम सख्तियों के बाद भी रामगढ़ ताल में गिर रहा सहारा इस्टेट का गंदा पानी

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एनजीटी की तमाम सख्तियों के बाद रामगढ़ताल में गंदा पानी बिना शोधन के अब भी गिर रहा है। एनजीटी की हाईपावर कमेटी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने मंगलवार को रामगढ़ताल का निरीक्षण किया तो वर्तमान स्थिति देखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा चिलुआताल, महेसरा ताल समेत अन्य जलाशयों की स्थिति भी खराब मिली। राप्ती नदी में भी कूड़ा-कचरा डाला जाना मिला। एनजीटी की हाईपावर कमेटी ने स्थिति को चिंताजनक करार दिया है।
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दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे एनजीटी हाईपावर कमेटी के सचिव राजेंद्र सिंह दूसरे दिन सहारा इस्टेट में लगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण पहुंचे तो प्लांट बंद मिला। साथ ही सहारा इस्टेट से प्रति मिनट निकलने वाला हजारों लीटर गंदा पानी बिना शोधन किए ही रामगढ़ ताल में गिरता मिला। इसके बाद टीम ने चिलुआताल, महेसरा ताल, जटाशंकर पोखरा, सूरजकुंड तालाब का भी निरीक्षण किया। इन सभी जलाशयों की स्थिति काफी खराब मिली। निरीक्षण के दौरान टीम को चिलुआताल में काफी ज्यादा अतिक्रमण मिला। महेसरा ताला में काफी मात्रा में कूड़ा कचरा डाला जा रहा है। सूरजकुंड तालाब बहुत ही गंदा है। जटाशंकर पोखरा में न सिर्फ गंदगी है बल्कि अतिक्रमण भी है। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक एके त्रिपाठी, आरडी पाटिल के अलावा क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।
सहारा इस्टेट के गार्डों ने दी झूठी जानकारी
निरीक्षण के दौरान सहारा इस्टेट के गार्डों ने परिसर में लगाए गए एसटीपी के संबंध में गलत जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान एसटीपी बंद मिला। वहां कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला। परिसर में तीन गार्ड मिले। इनमें से एक गार्ड ने बताया कि एसटीपी सुबह आठ बजे चलाया जाता है, लेकिन जब उसे एसटीपी चलाने को कहा गया तो वह चला नहीं सका। सहारा इस्टेट परिसर की नालियों में काफी मात्रा में कूड़ा कचरा मिला। साथ ही इन नालों का पानी सीधे रामगढ़ ताल में गिरता हुआ मिला।
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राप्ती की गंदगी कर रही है गंगा को प्रदूषित
एनजीटी हाईपावर कमेटी को राप्ती नदी में कूड़ा कचरा गिरता मिला। यह स्थिति गंगा नदी के लिए भी चिंता का विषय है। दरअसल राप्ती नदी कपरवार घाट देवरिया में सरयू नदी मिलती है। वहां से सरयू नदी बरहज होते हुए बलिया में गंगा में मिलती है। ऐसे में परोक्ष रूप से यह गंगा नदी को प्रदूषित कर रही है। राप्ती नदी में रोज शहर का लाखों लीटर गंदा पानी बिना शोधन के गिरता है। इसके लिए प्रस्तावित तीन एसटीपी को अभी मंजूरी भी नहीं मिली है।
- निरीक्षण के दौरान शहर के जलाशयों की स्थिति काफी खराब मिली है। सहारा इस्टेट के एसटीपी के संबंध में भ्रामक जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान टीम में मौजूद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शहर के जलाशयों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को दिया जाएगा।
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- राजेंद्र सिंह, सचिव, एनजीटी हाईपावर कमेटी
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