गोरखपुर के सहजनवां थाने के माल खाने से तस्करी को जा रही पकड़ी गई शराब के गायब होने के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने जून 2017 से जून 2019 के बीच तैनात रहे थानेदारों व मालखाना प्रभारी के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि पुलिस ने अपने स्तर से की जांच में यह पाया था कि शराब दूसरे कमरे में रखी गई थी लेकिन डीएम की सख्ती के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी पुलिसकर्मियों में अधिकांश गोरखपुर में ही तैनात हैं।
जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन को शिकायत मिली थी कि सहजनवां थाने में जब्त कर रखी गई तस्करी की शराब गायब है। इसी आधार पर डीएम ने जांच के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सहजनवां सरनीत कौर ब्रोका के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई। 20 दिन पहले ज्वाइंट मजिस्ट्रेट टीम के साथ सहजनवां थाने पहुंचीं। मालखाना खोल कर जब्त शराब, नष्ट की गई शराब और शराब जब्त करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच की।
शराब जब्ती अभियान के दौरान छापेमारी में शामिल टीम, पुलिस अधिकारी, जवान और वाहन चालक आदि की बिंदुवार जानकारी ली। जिसमें पता चला कि जून 2017 से जून 2019 के बीच जब्त की गई तस्करी की शराब में 557 बोतल गायब हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन थानेदार व मालखाना प्रभारी को दोषी बताते हुए कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी थी।
24 नवंबर को डीएम ने एसएसपी को पत्र लिख आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया था। कार्रवाई न होने पर बुधवार को उन्होंने रिमाइंडर भेजा था। जिसके बाद शुक्रवार को मुकदमा दर्ज हुआ। एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि डीएम के आदेश पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।