गोरखपुर। सेना के लेफ्टीनेंट कमांडर से धोखाधड़ी कर आरटीओ के बाबू ने 52 हजार रुपये हड़प लिए। फर्जी रजिस्ट्रेशन का कागज देने के साथ ही उसने वीआईपी नंबर एलाट कर दिया था। गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने पर मामले की जानकारी उन्हें इंश्योरेंश कंपनी के अफसरों ने दी।
1.17 लाख रुपये जमा कर गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने के बाद लेफ्टीनेंट कमांडर ने अधिकारियों को पत्र लिखकर आरोपी बाबू और उसके सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
शाहपुर, आरोग्य मंदिर के पास रहने वाले सुमित श्रीवास्तव भारतीय रक्षा सेवा में लेफ्टीनेंट कमांडर है। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग भोपाल में है। वर्ष 2012 में कोचीन में तैनाती के दौरान उन्होंने जीप (टाटा सफारी) खरीदी थी। अस्थाई रजिस्ट्रेशन कराने के बाद वह गोरखपुर आए, जहां आरटीओ आफिस में तैनात एक बाबू को कागजात के साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 52 हजार रुपये दिए।
बाबू ने एक सप्ताह बाद गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के कागजात सुमित के पिता यतींद्र को देने के साथ यूपी 53 एवाई 8668 नंबर एलाट होने की जानकारी दी। तीन साल से लेफ्टीनेंट कमांडर का परिवार जीप से चल रहा था। 31 मार्च 2015 को गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने पर मरम्मत हर्जाना के लिए परिवार के लोगों ने इंश्योरेंश कंपनी में क्लेम किया।
दो माह बाद इंश्योरेंश कंपनी के अधिकारियों ने गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और एलाट नंबर दोनो फर्जी होने की जानकारी दी। सुमित के छानबीन करने पर आरटीओ आफिस के कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी से किनारा कस लिया। जुर्माना सहित 1.17 लाख रुपये जमा कर गाड़ी का नया रजिस्ट्रेशन हुआ।
इस बार उन्हें यूपी 53 बीडब्ल्यू 5253 नंबर एलाट हुआ है। आरटीओ आफिस के बाबू और कर्मचारियों की मिलीभगत से हुई जालसाजी की जानकारी एसएसपी को देते हुए सुमित ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
27 लोगों के साथ हुई है धोखाधड़ी
लेफ्टीनेंट कमांडर सुमित श्रीवास्तव का कहना है कि वर्ष 2011 - 12 के बीच में आरटीओ आफिस के बाबू और कर्मचारियों ने करीब 27 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी की है। रुपये लेकर सभी लोगों को फर्जी वीआईपी नंबर एलाट किया है। मामले की जानकारी पुलिस के अधिकारियों को दी है।
एसएसपी का कोट
लेफ्टीनेंट कमांडर के साथ धोखाधड़ी करने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी। रुपये लेकर फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वाले गिरोह का पर्दाफाश होगा। मामले की छानबीन चल रही है।
- लव कुमार, एसएसपी