मुख्यमंत्री के जिले के सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी देंगे इस्तीफा
गोरखपुर। स्वास्थ्य महानिदेशालय के एक आदेश से आहत होकर गोरखपुर के सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने त्यागपत्र देने की धमकी दी है। मामला दो बाबूओं के ट्रांसफर को महानिदेशालय द्वारा निरस्त किए जाने का है।
पिछले दिनों गोरखपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.श्रीकांत तिवारी ने शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन में सहयोग न करने पर दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रयोगशाला प्राविधिक का तबादला कर दिया था। सीएमओ कार्यालय से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जंगल कौडिया व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कौडीराम के प्रयोगशाला प्राविधिक के ट्रांसफर का आदेश जारी होते ही स्वास्थ्य महानिदेशालय हरकत में आ गया। वहां से दोनों का स्थानांतरण आदेश निरस्त कर दिया गया। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ द्वारा बाबूओं के मामले में हस्तक्षेप करने व ट्रांसफर निरस्त कर दिए जाने से प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने काम कराने में असमर्थता जाहिर कर दी। शनिवार को ही प्रांतीय चिकित्सक संघ की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में तय हुआ कि जिले में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में काफी कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री का जिला होने की वजह से काम बेहतर करने का दबाव है और स्टॉफ के सहयोग के बगैर यह नहीं हो सकता। अगर अनुशासनहीन कर्मचारी मिलेंगे और महानिदेशालय अनावश्यक हस्तक्षेप करेगा तो वह जवाबदेही देने की बजाय क्यों न इस्तीफा ही दे दें।
बैठक में तय हुआ कि अगर ट्रांसफर निरस्तीकरण का आदेश वापस नहीं हुआ तो जिले के सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी अपना इस्तीफा दे देंगे क्योंकि इस माहौल में वह लोग सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन कराने में समर्थ नहीं हैं। बैठक में अध्यक्ष डॉ.अशोक कुमार सिंह, एडीशनल सीएमओ डॉ.नंदकुमार, डॉ.नीरज पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी व जिले के समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।