लंबी कवायद के बाद सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि मेडिकल कॉलेज से मंडलीय जेल जरूर शिफ्ट कर दिए गए, लेकिन कॉलेज परिसर में उनकी छाया अभी भी बरकरार है। प्राइवेट वार्ड में उनका सामान अभी भी मौजूद है। हालांकि साफ तौर पर कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं, लेकिन दबी जुबां से इस बात की चर्चा रही है कि देर-सबेर दोनों फिर लौटेंगे।
शनिवार को पूरे दिन प्राइवेट वार्ड का कमरा नंबर आठ (जहां अमरमणि थे) और कमरा नंबर 16 (जहां मधुमणि थीं) अंदर से बंद रहा। जानकारी करने पर पता चला कि दोनों ही कमरे उनके सामान से भरे पड़े हैं और अभी उनके लोग कमरे में बरकरार हैं। उधर, पिछले दो साल से प्राइवेट वार्ड की चहल-पहल शनिवार को देखने को नहीं मिली।
अभी तक कमरा खाली न होने की वजह जब कॉलेज प्राचार्य प्रो. आरपी शर्मा से पूछी गई तो उन्होंने इस बात से इन्कार कर दिया कि कमरा नंबर आठ और 16 में अभी मणि दंपति का सामान रखा हुआ है। प्राचार्य ने कहा कि कमरे की चाभी सिस्टर इंचार्ज को सौंप दी गई है। प्राचार्य का बयान और मौके की तस्दीक में फर्क से साफ है कि कॉलेज प्रशासन पर अभी भी अमरमणि की छाया बरकरार है।