एनडीआरएफ टीम ने 73 लोगों को बाहर निकाला
गोरखपुर से पहुंची 30 सदस्यीय टीम ने जलभराव वाले इलाकों में शुरू किया अभियान
डीएम, एसडीएम ने स्टीमर से प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, मदद तेज करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लगातार बारिश से उफनाए कुर्ना नाले से मची तबाही कम होने का नाम नहीं ले रही। रविवार को शहर के कई अन्य इलाकों में भी पानी भरने लगा। हालात बिगड़ते देखकर एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में उतर गई है। टीम ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद जलभराव वाले इलाकों से करीब 73 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। 13 मवेशियों को भी बचाया गया है। कई अन्य लोग निजी प्रयासों से बाहर आए। अब तक चार सौ से अधिक परिवार घर छोड़ चुके हैं। डीएम अमित किशोर, एसडीएम दिनेश मिश्र ने एनडीआरएफ टीम के साथ स्टीमर से प्रभावित क्षेत्रों का हाल जाना। साथ ही बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
बीते सोमवार से शुरू हुई तेज बारिश से कुर्ना नाले का पानी ओवरफ्लो कर आसपास के मोहल्लों में घुस रहा है। शुक्रवार से हालात इस कदर बिगड़ गए कि लोगों को घर छोड़कर बाहर निकलना पड़ा। अलीनगर, शहीदनगर, शांतिनगर, सोमनाथ वार्ड, सिंधी मिल कॉलोनी, स्वास्तिक नगर, महुआबारी, अहमदनगर, छोटी बभनी, पुरवा गांव में पानी अब भी लगातार घुसता जा रहा है। इन मोहल्लों के अधिकांश परिवारों ने घर छोड़ दिया है। एक-दो दिन की समस्या समझकर जो लोग अब भी घरों में रुके हुए थे, उन्होंने स्थिति बिगड़ती देखकर रविवार को प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। स्थानीय स्तर पर कोई इंतजाम न होने से प्रशासन ने गोरखपुर स्थित एनडीआरएफ 11वीं बटालियन के क्षेत्रीय केंद्र से संपर्क किया। दोपहर बाद इंस्पेक्टर डीपी चंद्रा, एसआई सभाचंद यादव, दिगंबर सिंह के नेतृत्व में 30 सदस्यीय टीम देवरिया पहुंची। टीम ने स्वास्तिक नगर, शहीदनगर इलाकों से करीब 73 लोगों को बाहर निकाला। इसमें कई बच्चे भी शामिल रहे। घरों में फंसे 13 मवेशियों का भी टीम ने रेस्क्यू किया। घरों से लोग कपड़ा, बर्तन के साथ ही अन्य जरूरी सामान लेकर बाहर आए। अपने रिश्तेदारों व अन्य ठिकानों पर शरण लिए हैं। डीएम अमित किशोर ने प्रभावित क्षेत्रों में स्टीमर से जाकर जलभराव का हाल जाना। घर में फंसे लोगों से बाहर आने की अपील की। उन्होंने बताया कि दोनों मोहल्लों से सभी लोगों को बाहर ला दिया गया है। प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा हुआ है। जरूरत के अनुसार छोटी नावें भी लगाई जाएंगी।
खौफ में बीते तीन दिन, दूध-पानी को तरसे बच्चे
बाहर निकाले गए परिवारों ने सुनाई आपबीती, कहा- हर पल सता रहा अनहोनी का डर
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। कुर्ना नाले में उफान के कारण पिछले तीन दिनों से तबाही का आलम है। चारों तरफ पांच-छह फीट तक पानी से घिरे मकानों में कैद लोगों ने एक-एक पल दहशत के साए में गुजारे। रविवार को एनडीआरएफ की मदद से बाहर आए लोगों के चेहरे पर खौफ का भाव साफ दिख रहा था। राहत की सांस ले रहे इन परिवारों ने अब हालात सामान्य होने पर ही घर लौटने की बात कही।
महराजगंज में एलआईयू में तैनात उमाकांत मिश्र के परिवार के छह सदस्य तीन दिनों से स्वास्तिकनगर स्थित मकान में कैद थे। रविवार को छुट्टी लेकर आए उमाकांत किसी तरह खुद तो अंदर घुस गए, लेकिन बाहर निकलने का कोई रास्ता न देखकर प्रशासन से गुहार लगाई। उमाकांत ने बताया कि परिवार में मां मालती देवी, मनीषा, सूर्यकांत, सूर्यप्रकाश के अलावा दो छोटे बच्चे सान्वी (3) व सूर्यांश (डेढ़ वर्ष) भी हैं। घर में मौजूद खाने-पीने के सामान का उपयोग किया जा रहा था, मगर दूध और साफ पानी न मिलने से बच्चों की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। पानी का बहाव और वृद्धि से हर पल अनहोनी का भय बना था। दूसरे परिवार से श्रीधर मिश्रा, मृदुला मिश्रा, उनकी तीन पुत्रियां ऋद्धि, सिद्धि व समृद्धि को निकाला गया। उन्होंने भी खौफ के साए में बीते दिनों की पीड़ा बयां की। उनका कहना था कि एनडीआरएफ के जवान देवदूत बनकर आए। मुन्ना कुमार मधुकर, ओमप्रकाश यादव, खुशी, आलमगीर खां, अफसाना खातून, सबीना खातून, रेहाना खातून, रूखसाना आदि को भी बाहर निकाला गया।