निषाद पार्टी के यूपी प्रभारी के खिलाफ दुष्कर्म की तहरीर
गोरखपुर। सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो में यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाने वाली निषाद पार्टी की एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने मंगलवार को शाहपुर थाने में निषाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्रवण निषाद के खिलाफ दुष्कर्म की तहरीर दी है। आरोपित श्रवण, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद के सबसे छोटे पुत्र हैं। युवती का आरोप है कि श्रवण ने शाहपुर के अपने घर में बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर पार्टी के मुखिया और परिवार के लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने फिलहाल सीधे एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई करने की बजाए 48 घंटे में मामले की प्राथमिक जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने का फैसला किया है। सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
आरोप लगाने वाली युवती उत्तर प्रदेश के बाहर की रहने वाली है। तहरीर के मुताबिक घटना 12 अप्रैल 2019 रात की है। वह पार्टी के काम से गोरखपुर आई थी। इसी दौरान श्रवण ने उसे शाहपुर स्थित घर बुलाया और दुष्कर्म किया। इसकी शिकायत करने पर उसके परिवार के लोग जान से मार देने की धमकी देने लगे। मैं डर गई। इसके बाद 22 सितंबर को लखनऊ में पार्टी की ओर से आयोजित सम्मेलन में मैंने मंच से अपने साथ हुई घटना साझा की तो पार्टी के तमाम लोग मेरे समर्थन में आ गए। इसके बाद बाद ही मैं श्रवण के खिलाफ तहरीर देने की हिम्मत जुटा पाई।
निषाद पार्टी में वर्चस्व के लेकर चले घमासान के बीच इसी सम्मेलन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें युवती मंच से पार्टी प्रदेश अध्यक्ष श्रवण के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगा रही है। अमर उजाला ने इस वायरल वीडियो के हवाले से सोमवार के अंक में श्रवण के खिलाफ दुष्कर्म के आरोपों की खबर प्रकाशित की थी। मंगलवार सुबह खबर आम होते ही पार्टी में स्यापा छा गया। ज्यादातर पार्टी पदाधिकारियों के फोन बंद हो गए। अब क्या होगा, पार्टी के अंदर चल रही इस खुसुर पुसुर के बीच दोपहर करीब डेढ़ बजे दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती शाहपुर थाने पहुंची। इसी इलाके में संगम चौराहे पर आरोपित श्रवण का घर है। युवती ने इसे घटनास्थल बताते हुए एसओ अरुण पंवार को तहरीर दी है।
संजय ने पार्टी में अंदरूनी कलह को बताया वजह
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने पुलिस अफसर को एक वीडियो क्लिप दिखाई है जिसमें पार्टी से बाहर किए गए कुछ लोग गाली देते हुए जान से मारने तक की धमकी दे रहे हैं। वह भी केस दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन मामला लखनऊ का होने से वहीं पर केस दर्ज कराने की सलाह देकर उन्हें लौटा दिया गया। संजय की मानें तो पूरा मामला पार्टी में अंदरूनी कलह को लेकर है। महिला फर्जी आरोप लगा रही है।
अचानक महिला के आने से मचा हड़कंप
मामला छह महीने पुराना है। अचानक महिला के सामने आने और फिर शाहपुर थाने में तहरीर देने के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस के आला अफसर भी इस पूरे प्रकरण में नजर रखे हुए हैं। संजय का भाजपा को समर्थन होने से पुलिस भी जांच के बाद ही कार्रवाई के मूड में है।
युवती ने शाहपुर थाने में तहरीर दी है। मामले की छानबीन की जा रही है। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीण सिंह, सीओ, गोरखनाथ