गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन करते पुजारी।
- फोटो : Amar Ujala
गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत ढंग से हर साल मनाई जाने वाली रामनवमी का नजारा इस बार बदला था। भीड़ तो हर साल की तरह ही थी, पर कन्याओं का पूजन गोरक्ष पीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जगह इस बार मुख्य पुजारी कमल नाथ ने की। राम दरबार में राम जन्मोत्सव धूमधाम मनाया गया।
चैत्र नवरात्र पर गोरखनाथ मंदिर में नौ दिनों तक चलने वाले व्रत का समापन रामनवमी को हुआ। हर साल राम दरबार में आरती और पूजा करने के बाद योगी आदित्यनाथ कन्या पूजन करते थे। पूजन के बाद कन्याओं को भोजन कराते, फिर दक्षिणा देकर विदा करते थे। परंतु इस बार मुख्यमंत्री होने के नाते वह लखनऊ में थे, लिहाजा मंदिर नहीं आ सके। इसके बावजूद पूजा पुराने तरीके से ही हुई।
राम दरबार लगा और आरती भी की गई। हवन पूजन के साथ ही नवरात्र की पूर्णाहुति हुई। प्रसाद वितरण भी हुआ। मुख्य पुजारी ने कन्याओं के पैर धुले और उन्हें चुनरी ओढ़ाकर उनकी पूजा की। बताते चलें कि मुख्यमंत्री योगी 1993 में मंदिर आए थे। 1994 में उन्हें उत्तराधिकारी बना दिया गया। यह पहला मौका है, जब उनकी गैर मौजूदगी में पूजा की गई।
राम दरबार में मना जन्मोत्सव
राम दरबार मंदिर में राम जन्मोत्सव मनाया गया। संस्कृत विद्यालय के छात्रों ने ढोल-झाल लेकर सोहर गाया। इसी बीच पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह ने भगवान श्रीराम की आरती एवं पूजा की।
जिया के पैर भी धुले
कन्या पूजन में शामिल जिया एलकेजी की छात्रा है। मुख्य पुजारी ने जिया के पैर धुले और पांव पूजन किया। इससे पहले भी जिया मंदिर की पूजा-अर्चना में शामिल हो चुकी हैं। यूकेजी की काबेरी और खुशी भी कन्या पूजन से गदगद दिखीं।