सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष रजनीश यादव।
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समाजवादी पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर हुए बदलाव का असर अब जिले में भी दिखने लगा है। शिवपाल गुट के माने जाने वाले रजनीश यादव की जिलाध्यक्ष की कुर्सी 55 दिन में ही छीन ली गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व में जिलाध्यक्ष रह चुके अवधेश यादव पर फिर भरोसा जताया है। अवधेश 2012 में सपा की सरकार बनने से पहले जिलाध्यक्ष थे। तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर उनकी जगह डॉ. मोहसिन खान को पार्टी ने जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी थी।
सरल स्वभाव, मेहनत और कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा सहज उपलब्ध रहने की वजह से ही 17 जून 2011 में जिलाध्यक्ष बने अवधेश पार्टी के सत्ता में आने के बाद भी बने रहे। आठ जून 2014 को उन्हें हटाया गया। इसके बाद करीब ढाई साल तक डॉ. मोहसिन खान इस कुर्सी पर काबिज रहे। सितंबर में पार्टी में शुरू हुई रार के बीच 28 नवंबर 2016 को शिवपाल यादव ने रजनीश को जिलाध्यक्ष बना दिया। हालांकि पार्टी और सिंबल दोनों अखिलेश के नाम होने के बाद से ही जिलाध्यक्ष के बदले जाने की चर्चा गर्म हो गई थी। इसी के साथ तमाम लोगों ने इस कुर्सी को हथियाने के प्रयास भी शुरू कर दिए, मगर मुख्यमंत्री ने अवधेश पर ही भरोसा जताया। बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष के बाद महानगर अध्यक्ष और कुछ प्रत्याशी भी बदले जा सकते हैं।
कार्यकर्ताओं का स्नेह मिला। पार्टी नेतृत्व ने जो भरोसा जताया है, उसपर दोबारा खरा उतरूंगा। जनता के बीच पार्टी की अच्छी साख कायम रखने के साथ ही प्रत्याशियों को जिताने के लिए जी जान लगा दूंगा।
- अवधेश यादव, जिलाध्यक्ष