लखनऊ से 21 अगस्त से शुरू हुई कांग्रेस की ‘27 साल यूपी बेहाल यात्रा’ शुक्रवार को गोरखपुर पहुंची। अलग-अलग रास्तों से यूपी नाप रहीं दो टीमों में से एक का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष और फिल्म अभिनेता राजबब्बर के केंद्र में संतकबीरनगर, बस्ती है लेकिन वहां तक के सफर में गोरखपुर एयरपोर्ट से लेकर रास्ते में जगह-जगह न सिर्फ उनका स्वागत हुआ बल्कि संक्षिप्त सभाओं के अंदाज में उन्होंने अपनी बात गोरखपुर की अवाम तक पहुंचाई।
यूपी की बदहाली की चर्चा के दौरान पूर्वांचल, खासकर गोरखपुर उनके केंद्र में रहा। कहा कि बाढ़, सूखाग्रस्त किसानों की बदहाली और इंसेफेलाइटिस प्रभावित परिवारों के संकट के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि पूर्वांचल के लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह याद आ रहे हैं। कांग्रेस के सत्ता से जाते ही प्रदेश बेहाल हो गया। यहां के कांग्रेसियों में जो जोश दिख रहा है वह कायम रहना चाहिए तभी सत्ता में कांग्रेस की वापसी होगी। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से बाढ़ में फंसे लोगों के सहयोग का आह्वान किया।
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सैय्यद जमाल, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सुरहिता करीम, महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरी, इंडियन नेशन कांग्रेस जिला महासचिव संतोष प्रताप सिंह, जोन पांच के प्रवक्ता तौकीर आलम, असलम परवेज, राकेश यादव, तौकीर आलम, एस इकबाल, शैलेश उपाध्याय, संतोष सिंह, विजय सिंह आदि ने स्वागत किया।
पैडलेगंज से गुजरते वक्त राज बब्बर ने सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहां भी अपनी विशेष बस से संक्षिप्त सभा संबोधित की। इस दौरान राणा राहुल सिंह, गोरखलाल श्रीवास्तव, यूथ कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया, जबकि रुस्तमपुर में स्वागतकर्ताओं की टीम के अगुआ गोरखलाल श्रीवास्तव थे। इस दौरान की सभा में पीएल पुनिया ने भी वीर बहादुर सिंह को पूर्वांचल का विकास पुरुष बताया और कहा कि 27 सालों से गैर कांग्रेसी सरकारों ने प्रदेश को पीछे कर दिया। पूर्व सांसद डॉ. संतोष सिंह ने कहा की पूर्वांचल में 1976 से इंसेफेलाइटिस से पीड़िताें के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन प्रदेश की गैर कांग्रेसी सरकारों ने कुछ नहीं किया। एम्स के नाम पर प्रधानमंत्री सिर्फ जनता को बरगला रहे हैं।
ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत
सर्किट हाउस से रोड शो के अंदाज में आगे बढ़ी कांग्रेस की ‘27 साल यूपी बेहाल’ यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसका पहला पड़ाव पैडलेगंज था। इसके बाद छात्रसंघ चौराहा, विश्वविद्यालय मुख्य द्वार से होते हुए यूनिवर्सिटीे चौराहा, सिटी मॉल, गणेश चौराहा हुए चेतना तिराहे पर पहुंची। यहां यात्रा में शामिल नेताओं ने इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। गोलघर होते हुए यह यात्रा कचहरी चौराहा पहुंची और टाउनहाल पर आकर सभा में तब्दील हो गई। जगह-जगह स्वागत को जुटे कांग्रेसी जोश में नजर आए। ढोल-नगाड़ों की गूंज पर विशेष बस में सवार शीला दीक्षित और संजय सिंह बाहर आकर अभिवादन करते रहे।
कई जगह असहज दिखीं शीला दीक्षित
‘27 साल यूपी बेहाल’ यात्रा को दौरान गर्मी और भीड़ का दबाव कई जगह शीला दीक्षित को असहज कर गया। स्टेशन से लेकर सर्किट हाउस तक कई दफा धक्का-मुक्की की नौबत और नारेबाजी की होड़ से जन्मे शोर पर उन्हें कार्यकर्ताओं को हिदायती लहजे में डांटना भी पड़ा। टाउनहाल की सभा में पार्टीजनों की ओर से जब भारी भरकम माला पहनाई जाने लगी तो एकाएक माला टूटने से भी असहज स्थिति पैदा हो गई।