प्लेटफॉर्म पर ही बना कन्वेशन हॉल, समस्याओं पर मंथन
गोरखपुर। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (एनएफआईआर) के 29 वें राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए कन्वेंशन हॉल उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म आठ पर ही बना दिया गया। दो सत्रों में हुई मीटिंग में एनईआर (पूर्वोत्तर रेलवे) के कर्मचारियों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। संघर्ष का खाका तैयार किया गया। इसके बाद रेलकर्मियों ने एक बड़ी रैली निकाली। अब बुधवार को यूथ ब्रिगेड और महिलाओं के सेशन के बाद निर्णायक लड़ाई के लिए प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
दो दिवसीय अधिवेशन में देश भर से 20 स्पेशल ट्रेनें उज्जैन पहुंची हैं। इसे अमर उजाला लाइव कवर कर रहा है और पीआरकेएस (पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ) के प्रवक्ता एके सिंह, महामंत्री विनोद राय, टीटीई मनोज द्विवेदी ने मौके से सभी गतिविधियों को साझा किया है। सुबह वर्किंग कमेटी तो शाम जनरल कौंसिल की बैठक हुई। पीआरकेएस के प्रवक्ता एके सिंह ने जनरल कौंसिल की मीटिंग में रिक्त पदों का मुद्दा का उठाया। कहा कि जितने भी पद रिक्त हैं, उनका विज्ञापन निकाला जाए। साथ ही बड़े नेताओं से ट्रेड यूनियन को बचाने में जेल जाने के लिए तैयार रहने को कहा। उधर, महामंत्री विनोद राय ने मंडल स्तर के अधिकारियों पर विभागाध्यक्षों का आदेश नहीं मानने का आरोप लगाया। उन्होंने रेलकर्मियों की समस्याओं को बिंदुवार उठाया, जिसे प्रस्ताव में शामिल किया गया।
अधिवेशन में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, रेलवे बोर्ड के मेंबर ऑफ स्टॉफ मनोज पांडेय, एनएफआईआर के केंद्रीय महामंत्री एम राघवैया, ट्रैक मेंटेनेंस स्टॉफ के महामंत्री गणेश्वर राय, डीआरएम रतलाम आदि मौजूद रहे।
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यार्ड में खड़ी है ‘यूनियन एक्सप्रेस’
गोरखपुर से रेलकर्मियों को लेकर अधिवेशन में पहुंची ‘यूनियन एक्सप्रेस’ को उज्जैन रेलवे स्टेशन के यार्ड में रखा गया है। इसके आसपास देश भर से रेलकर्मियों को लेकर आई 19 स्पेशल ट्रेनों को खड़ा किया गया है।
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आरती में शामिल हुई रेलकर्मियों की पत्नियां
रेलकर्मी जहां अधिवेशन में थे तो उनकी पत्नियों और बच्चे महाकाल के आरती में शामिल हुए। इसके बाद बहुत सारी महिलाएं ओंकारेश्वर मंदिर दर्शन करने गईं। रात में महिलाओं और बच्चों ने बाजार घूमा और खरीदारी की।
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अधिवेशन में पहले दिन लाए गए प्रस्ताव
- नेशनल पेंशन स्कीम से रेल कर्मचारियों को मुक्त कराया जाए।
- न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी।
- श्रम कानूनों में श्रम विरोधी संशोधनों को रोकना।
- सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करना।
- फिक्स मेडिकल अलाउंस में 5000 रुपये प्रति माह बढ़ोत्तरी।
- रेलवे की उत्पादकता इकाइयों का निजीकरण व निगमीकरण बंद हो।
- लोको पायलट के लिए पे मेट्रिक लेवल 7 की व्यवस्था करना।
- पर्यवेक्षक प्रभारी ग्रुप सी पदों को ग्रुप बी में किया जाए।
- सीधी भर्ती से आए इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को पदोन्नति की कार्रवाई।
- एमएसीपीएस के विसंगितयों को दूर करना।
- रिक्त पदों पर विज्ञापन निकाल भर्ती की जाए।