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दो टीसी फंसे, भ्रष्टाचार का केस

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वसूली में फंसे दो टीसी, भ्रष्टाचार का केस
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गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से वसूली में दो टीसी (टिकट कलेक्टर) दिलीप गुप्ता और प्रवीण कुमार मंडल फंस गए हैं। रेलवे विजिलेंस टीम की तलाशी में दोनों के पास ज्यादा रकम मिली। विजिलेंस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
विजिलेंस को स्टेशन पर टिकट चेकिंग के वक्त यात्रियों को धमकाकर वसूली की शिकायतें मिलीं थीं। विजिलेंस अधिकारियों ने एक टीम गठित की, जिसमें चार इंस्पेक्टर शामिल किए गए। दो दिनों से टीम स्टेशन पर निगरानी कर रही थी। शनिवार देर शाम रेलवे स्टेशन स्थित टीसी दफ्तर में छापेमारी कर वहां मौजूद सभी टीसी की तलाशी ली गई। इस दौरान पांच में दो टीसी के पास ज्यादा रुपये मिले। दिलीप गुप्ता के पास से 3000 रुपये तथा प्रवीण कुमार मंडल के पास 1250 रुपये अतिरिक्त मिला। कैश रजिस्टर में दिलीप ने 450 रुपये और प्रवीन मंडल ने 150 रुपये नकद ही दिखाए थे। दोनों अधिक रुपये मिलने की वजह नहीं बता सके। विजिलेंस टीम इनके खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत केस दर्ज किया है और विभागीय कार्रवाई के लिए अधिकारियों को सूचित कर दिया है। रेलवे के जानकारों के मुताबिक इस मामले में टीसी को निलंबित कर मेजर चार्ज शीट दिया जा सकता है। इसके अलावा विजिलेंस केस भी चलेगा। यानी, केस में टीसी सही दलील व रुपये अधिक होने के सबूत नहीं दे पाए तो जेल भी जाना पड़ सकता है।
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मुंबई, पंजाब से आने वाले यात्री होते हैं आसान शिकार
मुंबई और पंजाब से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों पर टीसी की ज्यादा नजर होती है। जिले के कई लोग कमाने के लिए इन शहरों में जाते हैं। लौटते वक्त उनके पास नकद तो होता ही है सामान भी अधिक होता है। टीसी कभी-कभी सामान भी रोक लेते हैं और कार्रवाई का हवाला देकर उनसे जबरन वसूली करते हैं।
कैश रखने का नियम
टीसी और टीटीई ड्यूटी पर आने के बाद कैश रजिस्टर पर दर्ज करते हैं कि उनके पास कितना नकद है। जांच के दौरान दर्ज रकम से अधिक मिलने पर यह माना जाता है कि गलत तरीके से धन अर्जित किया गया है।
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रेलवे विजिलेंस ने रेलवे स्टेशन पर टिकट कलेक्टरों की रूटीन चेकिंग की। दो टिकट कलेक्टरों के पास से घोषित रुपये से ज्यादा मिले। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर
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