नंदानगर दरगहियां स्थित दो हेक्टेयर जमीन से कब्जा हटाने गए रेलवे के इंजीनियर पर अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया। पथराव कर उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। महिलाएं जेसीबी के आगे खड़ी हो गईं तो पुरुष एकजुट होकर हंगामा और नारेबाजी करने लगे। चीख-पुकार भी मची। इसी बीच कुछ झोपड़ियों में आग लगा दी गई। इसका आरोप भी कब्जा हटाने गई टीम पर मढ़ दिया गया, लेकिन इसके बाद भी कमर कसकर पहुंची आरपीएफ-जीआरपी और अफसरों की टीम ने कब्जे पर बुलडोजर चलवा दिया। यहीं इलेक्ट्रिक लोको शेड का निर्माण होना है।
नंदानगर दरगहियां के पास रेलवे की 15 हेक्टेयर जमीन है। इसके दो हेक्टेयर हिस्से में लोगों ने कब्जा कर रखा था। जमीन खाली कराने की कई बार कोशिश हुई लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी जमीन पर इलेक्ट्रिक लोको शेड बनाया जाना है। इसके लिए एयरफोर्स से नान आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिल चुका है। शुक्रवार को इसी जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। जगदीशपुर प्रतिनिधि के मुताबिक रेलवे की टीम दोपहर बाद नंदानगर दरगहियां पहुंची। पहले लोगों से कब्जा हटाने को कहा गया, लेकिन कब्जेदार टस से मस नहीं हुए। इसके बाद रेलवे का बुलडोजर चलने लगा। कब्जे ढहाए जाने लगे। इससे मौैके पर अफरातफरी मच गई। कब्जेदारों ने घरों से सामान हटाने शुरू कर दिए। लोग आलमारी, बेड, बिस्तर लेकर भागने लगे। इसी बीच कुछ महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। वे बुलडोजर के सामने खड़ी हो गईं और कार्रवाई रोकने लगीं, लेकिन आरपीएफ, जीआरपी ने सभी को पीछे धकेल दिया। कुछ लोगों ने पथराव कर कब्जा हटाने गई टीम को खदेड़ने की भी कोशिश की। इसी दौरान रेलवे के इंजीनियर की कार का शीशा तोड़ दिया गया। लोगों के विरोध प्रदर्शन और उग्र रूप को देखते हुए फोर्स बढ़ाकर रेलवे की जमीन से कब्जा हटा दिया गया। मौके पर जल्द इलेक्ट्रिक लोको शेड का निर्माण शुरू होगा।
नोटिस के बाद भी नहीं हटा कब्जा
पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों का कहना है कि करीब 30 कब्जेदारों को 26 दिसंबर को नोटिस दिया गया था। उन्हें 28 तक कब्जा हटाने को कहा गया था, लेकिन कोई नहीं हटा। इसी कारण जबरन कब्जा हटाया गया। झोपड़ियों में आग लगाने के आरोप पर अधिकारियों ने कहा कि पेशबंदी के चक्कर में कब्जेदारों ने टूटी झोपड़ियों में आग लगा दी ताकि कब्जा बरकरार रखा जा सके।
चीख-पुकार मची, धरना-प्रदर्शन
अवैध कब्जा ढहाने के बाद नंदानगर दरगहियां में चीख-पुकार मच गई। जिनके निर्माण पर बुलडोजर चला, वे रोने-बिलखनेे लगे। अधिकारियों पर ज्यादती का आरोप लगाने लगे। महिलाएं और पुरुष धरने पर बैठ गए। राजकुमार निषाद, फूलपत्ती, अक्षयबर यादव, केशव, राधेश्याम, बबलू, विनोद, गुड्डी, प्रमिला, रुदल, लालमन ने रेलवे की टीम पर परेशान करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वे सालों से काबिज हैं। उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। घरों में आग लगाकर लाखों का नुकसान पहुंचाया गया। टीम ने घर से सामान हटाने तक की मोहलत नहीं दी।
15 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा इलेक्ट्रिक लोको शेड
नंदानगर दरगहियां में रेलवे की 15 हेक्टेयर जमीन है। इस पर पूर्वोत्तर रेलवे का पहला इलेक्ट्रिक लोको शेड बनना है। इस लोको शेड में सौ इलेक्ट्रिक रेलवे इंजन के मेंटीनेंस की व्यवस्था होगी। पहले चरण में 50 इंजन मेंटीनेंस की क्षमता वाला शेड बनाया जाएगा। दूसरे चरण में इतने ही क्षमता का शेड बनेगा।
रेलवे की खबर में बयान
नियमानुसार, अवैध कब्जा हटाया गया है। जमीन रेलवे की है। पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन कब्जे नहीं हटाए गए। अब पुलिस की मदद से कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।
- सीपी चौहान, पीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे