रेलवे के छह आवासों पर चला बुलडोजर, सात रेलकर्मियों को दिया नोटिस
गोरखपुर। रेलवे जीएम दफ्तर के पीछे आउट हाउस को गिराकर उसे नया लुक देने की तैयारी है। बीते दिनों यहां छह आवासों को बुलडोजर से गिरा दिया गया। बाकी में रहने वाले रेलकर्मियों को नोटिस थमाया दिया गया है। आनन फानन में कुछ ने अपने सामान भी किराए के कमरों में शिफ्ट करा लिए हैं।
रेलकर्मियों का कहना है कि उन्हें अब जर्जर आवासों में रहने के लिए भेजा जा रहा है। इसे लेकर विरोध भी शुरू हो गया है। पीआरकेएस के महामंत्री विनोद राय के नेतृत्व में कर्मियों ने अफसरों से मुलाकात कर खाली पड़े अच्छे आवास आवंटित करने की मांग की है।
कर्मियों ने कहा कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) दक्षिण ने 31 जुलाई को नोटिस जारी किया। इसमें तीन दिनों के अंदर आवास खाली करने की बात कही गई थी। आउट हाउस में छह ऐसे आवास थे जहां नियम विरुद्ध अफसरों के बंगलों पर काम करने वाले कर्मी रह रहे थे, जो रेलवे कर्मचारी भी नहीं है। उन आवासों को गिरा दिया गया। गलतफहमी में अन्य ने अपने सामान हटाने शुरू कर दिए। उन्हें लगा कि उनके भी आवास गिरा दिए जाएंगे। रेलकर्मियों ने अफसरों से गुहार लगाई तो उन्हें कुछ समय की मोहलत दी गई। रेलकर्मियों का कहना है कि वे टाइप टू में रहते हैं और खाली होने के बाद भी उन्हें टाइप वन आवंटित किया जा रहा है। यहां के आवास जर्जर हैं।
रामगढ़ताल कॉलोनी को भी खाली करने की नोटिस
रामगढ़ताल स्थित रेलवे कॉलोनी में आवासों को खाली कराने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां रहने वाले रेल कर्मियों को नोटिस जारी किया गया है। इस कॉलोनी की जमीन को रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित किया जाना है। उप मुख्य इंजीनियर ने रेल कर्मियों को नोटिस देकर कहा है कि वे खाली आवासों की सूची देखकर प्रोफार्मा प्राप्त कर लें और अपना आवेदन दें।