रुपये बदलने के लिए प्रधान डाकघर में लगी लाइन।
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प्रधान डाकघर में बुधवार को घंटों लाइन में लगने के बाद मिले खराब नोटों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने नोट वापसी का दबाव बनाया, मगर विभाग ने वापस नहीं लिया।
बीते दिनों की तरह बुधवार को भी नोट बदलने के लिए प्रधान डाकघर में लोगों की लंबी कतार लगी। पुराने नोट के बदले डाक कर्मचारी लोगों को 10-10 रुपये की गड्डी दे रहे थे। मगर उनमें से कई नोट सड़े-गले थे। लोगों की शिकायत थी कि हजार रुपये की एक गड्डी में तकरीबन 20-25 नोट सड़े-गले निकल रहे थे। लोगों ने इसे बदलने की मांग की, मगर कर्मचारियों ने अनसुना कर दिया। इस पर उनकी कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। फिर वे शिकायत लेकर हेड पोस्ट मास्टर के पास पहुंचे।
हेड पोस्ट मास्टर लक्ष्मी नारायण तिवारी ने ने शिकायतकर्ताओं के नोट बदलने के लिए खुद असहाय बताया। उन्होंने कहा कि एसबीआई की ओर से ही सड़े-गले नोट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमें जिस तरह के नोट मिल रहे हैं। उसी से हम पुराने नोट बदल रहे हैं। बाद में सभी शिकायतकर्ता मिले नोटों को ही लेकर चले गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बदले नोट
डाक विभाग ने बुधवार को पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुराने नोट बदले। प्रवर अधीक्षक डीबी त्रिपाठी ने बताया कि ग्रामीण डाकघरों को 45 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। एसबीआई अगर पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध कराए तो बैंकों के बाहर जुटने वाली भीड़ का दबाव कम हो सकता है।