पाकिस्तान में भारतीय वायु सेना के एयर स्ट्राइक के बाद पुलवामा हमले में शहीद विजय कुमार मौर्य के परिजनों ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से सेना ने कलेजे को ठंडक पहुंचाई है, लेकिन आतंक की फैक्ट्री पर यह प्रहार बंद नहीं होना चाहिए। पिछले 12 दिनों से गम में डूबे इस परिवार के लिए मंगलवार को दिन थोड़ा सुकून भरा रहा। जब उन्हें सेना की कार्रवाई की जानकारी मिली तो उस पर खुशी जताई। पिता रामायण मौर्य, पत्नी विजय लक्ष्मी, भाई अशोक कुमार के अलावा गांव के लोगों ने सेना के शौर्य की सराहना की। उनका कहना था कि वैसे तो यह कार्रवाई पहली होती तो और अच्छा होता, लेकिन पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने का अंदाज बेहतर रहा। ऐसे ही कार्रवाइयों से आतंकियों का मनोबल टूटेगा।
शहीद विजय कुमार की पत्नी विजयलक्ष्मी ने कहा कि पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों पर हमले से खुशी हुई है। इसके लिए फौजी भाइयों को धन्यवाद है। आगे भी ऐसे ही कार्रवाई की जरूरत है, ताकि आतंक की कमर टूट जाए और भारत में घुसने की हिम्मत ना हो।
शहीद के भाई अशोक कुमार ने कहा कि
भारतीय सेना ने पुलवामा हमले का बदला ले लिया है। इससे कलेजे को ठंडक पहुंची है। हम चाहते हैं कि सभी आतंकी संगठनों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाए। इसमें किसी भी तरह की नरमी नहीं होनी चाहिए। अब जम्मू-कश्मीर से 35-ए भी हटना चाहिए।
शहीद की भाभी दुर्गावती देवी ने कहा कि कार्रवाई की जानकारी के बाद बहुत खुशी हुई है। सरकार और सेना ने पुलवामा में शहीद जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। आतंकियों को ऐसे ही कड़े सबक सिखाने की जरूरत है, ताकि फिर किसी का विजय घरवालों से दूर न जाए।
शहीद विजय कुमार के पिता रामायण मौर्य ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि आतंकियों को नहीं बख्शेंगे। यह वादा निभाकर सुकून पहुंचाया है। देश के बाहर बैठे आतंकियों के मारे जाने की खुशी है। अब ऐसे ही देश के भीतर छिपे भेदियों पर भी सर्जिकल स्ट्राइक कर सबक सिखाया जाए।