जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते सपाई।
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हजार और पांच सौ के नोट पर पाबंदी से खफा सपाइयों ने मंगलवार को डीएम दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कालेधन के खिलाफ तो यह कार्रवाई ठीक है मगर बगैर कोई मजबूत योजना बनाए ही केंद्र सरकार ने इसे लागू कर दिया, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपते हुए मांग की कि किसानों, शादी वाले घरों और मरीजों को जरूरत के मुताबिक बैंकों से कैश निकालने की छूट दी जाए।
जिलाध्यक्ष डॉ. मोहसिन खान ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से आम आमदी त्रस्त है। खुद के रुपये के लिए लोगों को सभी जरूरी काम छोड़ बैंकों और एटीएम के बाहर घंटों लाइन लगानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि खेती का समय है मगर किसानों के पास रुपये न होने से वे खाद-बीज नहीं खरीद पा रहे हैं। विकास कार्य भी ठप पड़ गए हैं। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय बहादुर ने कहा कि तमाम लोगों के घरों में शादी है। किसी के अपनों की मौत हो गई है । ऐसे में मांगलिक और ब्रह्मभोज जैसे कार्यक्रमों को लेकर भी लोग बहुत परेशान हैं। लोगों के पास इलाज कराने तक के रुपये नहीं हैं। ऐसे में सरकार किसानों, शादी वाले घरों और इलाज आदि जरूरी कामों के लिए संबंधित व्यक्तियों को जरूरत के हिसाब से रुपये निकालने की छूट दे।
प्रदर्शन करने वालों में महानगर अध्यक्ष केके त्रिपाठी, मनुरोजन यादव, राजमति निषाद, कीर्तिनिधि पाण्डेय, अवधेश यादव, शारदा देवी, राजेंद्र सिंह पहलवान, संजय सिंह, जियाउल इस्लाम, राघवेंद्र तिवारी राजू, साधू यादव, अमरेंद्र निषाद, शहाब अंसारी आदि शामिल रहे।