प्रधान डाक घर में हेड पोस्ट मास्टर से उलझते लोग।
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घंटों कतार में खड़े लोगों को मंगलवार को जब नोट नहीं मिले तो उन्होंने प्रधान डाकघर में जमकर हंगामा किया। हेड पोस्टमास्टर की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया। लोग इस बात पर नाराजगी जता रहे थे कि जब नोट नहीं थे तो उन्हें फार्म क्यों दिए गए।
प्रधान डाकघर के काउंटर खुलने से पहले ही मंगलवार को लोग लाइन में लग गए थे। सुबह दस बजते-बजते कतार और लंबी हो गई। इसके बाद 10-10 रुपये के हजार की गड्डी के वितरण का कार्य शुरू हुआ। दोपहर करीब एक बजे तक दस लाख रुपये बंट गए। इसके बाद रुपये खत्म होने से नोट बदलने वाले काउंटर बंद कर दिए गए। इसके बाद घंटों से कतार में खड़े लोग भड़क गए। लोग कर्मचारियों से नोकझोंक और हंगामा करने लगे। कर्मचारियों ने हंगामा कर रहे लोगों से हेड पोस्टमास्टर से बात करने को कहा। इसके बाद लोग हेड पोस्टमास्टर के कक्ष में घुस गए।
हंगामा कर रहे लोगों को हेड पोस्टमास्टर ने समझाने की कोशिश की, मगर वे बाहर जाने को तैयार ही नहीं थे। मामला बढ़ता देख हेड पोस्टमास्टर ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को बाहर निकाला। हेड पोस्टमास्टर लक्ष्मी नारायण तिवारी का कहना है कि एसबीआई की ओर से उपलब्ध कराए गए नोट जब तक डाकघर में थे, तब तक उसका वितरण कराया गया। जब नोट खत्म हो गए, तब काउंटर बंद करा दिया गया। लोग बेवजह हंगामा कर रहे थे।